इजराइली सैनिकों पर घायल फिलिस्तीनियों की हत्या का आरोप:वेस्ट बैंक के डॉक्टर का दावा- उन्होंने घायलों को चाकू मारे, कह रहे थे- कोई जिंदा न बचे
7 अक्टूबर को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग को ढाई महीने बीत चुके हैं। अल जजीरा के मुताबिक इजराइली सैनिक घायल फिलिस्तीनियों को जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं।
वेस्ट बैंक में तुल्करेम शहर के डॉक्टर्स सिंडिकेट के प्रमुख राडवान बालिब्ला ने कहा- हमारे पास कई ऐसे घायल लोग आ रहे हैं जिनकी गर्दन पर चाकू से हुए हमले के निशान हैं। एक विक्टिम ने हमें बताया था कि इजराइली सैनिक उन्हें जान से मारने के लिए उन पर चाकू से हमला कर रहे हैं। उसने हमसे कहा कि कई घायल लोग एम्बुलेंस में बैठे थे। इस दौरान सैनिक एम्बुलेंस में घुसे और उनकी गर्दन पर चाकू मारने लगे। एक सैनिक कह रहा था- हम नहीं चाहते की तुम हॉस्पिटल तक पहुंचो और इलाज के बाद जिंदा बच जाओ।
इस बीच इजराइल ने कबूल किया है कि उसने जंग में बेगुनाहों की जान ली है। गुरुवार देर रात इजराइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा- जंग में सिविलियन्स मारे गए हैं। 24 दिंसबर को सेना ने अल-मघाजी रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया था। उसमें कई बेगुनाहों की जान गई। इसका हमने अफसोस है।

शेल्टर ढूंढ रही प्रेग्नेंट महिला 5 किलोमीटर चली, 4 बच्चों को जन्म दिया
गाजा में एक प्रेग्नेंट महिला शेल्टर ढूंढने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चली। शेल्टर मिलते ही उसने 4 बच्चों को एक साथ जन्म दिया। महिला ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि जंग की शुरुआत में उसका 6वां महीना चल रहा था। इजराइल के कहने पर वो नॉर्थ गाजा से साउथ गाजा आ गई थी, लेकिन सेना ने साउथ गाजा में भी हमले शुरू कर दिए। इस वजह से गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं बची और शेल्टर ढूंढने उसे 5 किलोमीटर चलना पड़ा।
चलने की वजह से बच्चों पर असर पड़ा
महिला ने दो बेटियों और दो बेटों को जन्म दिया। उसने कहा- सफर काफी कठिन था। पैदल चलने की वजह से शरीर में जान नहीं बची थी। मेरा एक बेटा काफी कमजोर है। वो अस्पताल से बाहर आने की स्थिति में नहीं था, लेकिन अस्पताल में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए जगह बनानी थी, इसलिए उसे हम घर ले आए।
जंग की 2 तस्वीरें...


IDF का दावा- गाजा से 6 करोड़ डिजिटल फाइल्स बरामद
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने गुरुवार को दावा किया कि गाजा की टनल्स और दूसरी इमारतों से करीब 6.5 करोड़ डिजिटल फाइल्स बरामद हुई हैं। इसके अलावा करीब पांच लाख पेपर डॉक्यूमेंट्स भी जब्त किए गए हैं।
दूसरी तरफ, न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि इजराइली सेना अब लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ नया प्लान तैयार कर लिया है। इस स्ट्रैटजी पर अमल शुरू किया जा चुका है।

हमास के नक्शे फायदेमंद साबित हुए
- IDF ने मीडिया के लिए बयान जारी किया है। इसमें गाजा से बरामद चीजों के बारे में जानकारी दी गई है। IDF के मुताबिक- गाजा में हमास ने जो इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, वो कम से कम रिहाइश के लिए तो नहीं है। इसका इस्तेमाल जंग और आतंकवाद के लिए ही किया जा सकता है। इस बारे में गाजा से तमाम सबूत बरामद हुए हैं और हो रहे हैं। हमारी ग्राउंड ऑपरेशन फोर्सेस ने शहादतों के बाद यह दस्तावेज हासिल किए हैं।
- हमास के पास एक टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट थी। इसके कंप्यूटर्स में लाखों फाइलें मिली हैं। इनमें से कुछ का इस्तेमाल 7 अक्टूबर के हमले को अंजाम देने में किया गया था। अब यह जांच के दायरे में है। अब इजराइली जांच एजेंसियां तमाम डेटा खंगाल रही हैं और माना जा रहा है जांच के बाद यह भी साफ हो जाएगा कि हमास को किन-किन देशों से और किस तरह की मदद मिलती रही है।
- कई डॉक्यूमेंट्स ऐसे हैं, जिनमें हमास के टनल नेटवर्क की अलग-अलग तरीके से जानकारी मिल रही है। इनमें कुछ नक्शे भी शामिल हैं। ज्यादातर नक्शे कागज पर बनाई गई ड्रॉइंग की तरह हैं। IDF ने जब इन नक्शों के आधार पर ऑपरेशन किए तो उन्हें बड़ी कामयाबी हासिल हुई और माना जाता है कि इसके बाद ही हमास ने कतर की मदद से सीजफायर के लिए कदम बढ़ाए। अब यह नक्शे दुनिया के कई देशों को भेजे जाने की तैयारी है।

हिजबुल्लाह को खत्म करने की तैयारी
- इजराइल की वॉर कैबिनेट के एक मेंबर ने कहा है कि हमास के साथ-साथ अब लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के खात्मे की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं और इसके लिए बनाए गए प्लान पर अमल भी शुरू कर दिया गया है।
- इजराइल के पूर्व डिफेंस मिनिस्टर और वॉर कैबिनेट मेंबर बेनी गेंट्ज ने कहा- हिजबुल्लाह के मामले में भी डिप्लोमैटिक सॉल्यूशन का वक्त अब खत्म हो चुका है। इस आतंकी संगठन को हमास की तरह ही ईरान से मदद मिल रही है। उसके पास जो रॉकेट्स हैं, वो ईरान से आए हैं और हमारे लिए ये खतरनाक साबित हो रहे हैं। लिहाजा, अब हम इन नेटवर्क को जड़ से खत्म करने जा रहे हैं।
- गेंट्ज ने आगे कहा- अकसर ये देखा गया है कि जब भी हमास और इजराइल के बीच जंग या झड़प होती है तो उसी वक्त उत्तरी इलाके से हमले शुरू हो जाते हैं। अब इजराइल ने फैसला कर लिया है कि इस कड़ी को हमेशा के लिए तोड़ा जाए।

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