गाजा के हॉस्पिटल में 22 की मौत:अल शिफा हॉस्पिटल के डायरेक्टर बोले- यह जगह बड़ी जेल और कब्रगाह बन चुकी है
गाजा के अल शिफा अस्पताल पर इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) की कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को इस हॉस्पिटल के डायरेक्टर मोहम्मद अबु सालमिया ने कहा- गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात यहां 22 लोग मारे गए। यह अब हॉस्पिटल की जगह बड़ा जेल और कब्रगाह बन गया है।
‘अल जजीरा’ से बातचीत में सालमिया ने कहा- अस्पताल में 7 हजार लोग और स्टाफ हैं। ICU के तमाम मरीज मारे जा चुके हैं। हमारे पास बिजली, पानी और खाना कुछ नहीं है। हर गुजरते मिनिट में मौतें हो रही हैं। पिछली रात 22 लोग मारे गए। हमने इजराइली सेना से अस्पताल को बख्शने की अपील की, उन्होंने नहीं सुनी। ये पूरी तरह वॉर क्राइम है।
फिलिस्तीनी स्कार्फ पहनने पर एक्शन
इजराइल-हमास जंग के बीच फिलिस्तीनियों के हक की पैरवी करने वाले सऊदी अरब के मक्का-मदीना में गाजा के लिए प्रार्थना करने पर लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। मीडिया हाउस मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ब्रिटिश एक्टर इस्लाह अब्दुर-रहमान मक्का में फिलिस्तीनी स्कार्फ पहनकर पहुंचा था।
तभी सऊदी की पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की गई और फिर स्कार्फ दोबारा न पहनने की समझाइश देकर छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ इजराइल ने गाजा में एक दिन में 2 फ्यूल ट्रक पहुंचाने की इजाजत दे दी है। इसका इस्तेमाल UN के कामों, पानी और सीवेज सिस्टम को बनाए रखने के लिए किया जाएगा।
वहीं, नेतन्याहू ने इस बात को भी स्वीकार किया है कि वो गाजा में नागरिकों की मौत के आंकड़े को कम करने में नाकाम रहे हैं। नेतन्याहू ने कहा- इसके लिए हमास ही जिम्मेदार है। उसे फिलिस्तीनियों की परवाह नहीं और वो उन्हें जंग में घसीटता रहता है। इजराइल फिलिस्तीनियों की सुरक्षा के लिए उन्हें लगातार खतरे वाली जगहों से दूर जाने का मैसेज दे रहा है।

नेतन्याहू बोले- अस्पताल में घुसपैठ की क्योंकि हमास ने वहां बंधकों को छिपाया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में अल-शिफा अस्पताल में इजराइली सेना की घुसपैठ की वजह बताई। उन्होंने कहा- हमें काफी मजबूत संकेत मिले थे कि हमास ने कुछ बंधकों को अस्पताल में छिपाया है।
नेतन्याहू ने CBS न्यूज को बताया कि बंधकों के बारे में इजराइली इंटेलिजेंस को जानकारी मिली थी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि इजराइली सेना की घुसपैठ से पहले ही हमास ने बंधकों को अल-शिफा अस्पताल से निकाल कर कहीं और शिफ्ट कर दिया।
वहीं, IDF ने बताया है कि अल-शिफा अस्पताल के पास की एक इमारत से किबुत्ज बेरी से बंधक बनाई गई 65 साल की महिला का शव मिला है। महिला का नाम यहूदित वीज बताया गया है। IDF को उसके शव के पास से AK-47 जैसे हथियार भी मिले हैं। इजराइली हमले में गाजा में मौजूद फिलिस्तीनी संसद भी तबाह हो चुकी है।

हमास का टनल नेटवर्क टेक्नोलॉजी के सामने कमजोर
इजराइली अखबार ‘यरुशलम पोस्ट’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमास के टनल नेटवर्क को लेटेस्ट वॉर टेक्नोलाजी के इस्तेमाल से तबाह किया जा रहा है। इसमें मैपिंग रोबोट और ब्लास्ट जेल भी शामिल हैं। दूसरी तरफ, इजराइली एयरफोर्स ने पहली बार कबूल किया है कि उसने गाजा में अब तक हजारों हमास आतंकी ढेर किए हैं।
टनल खोजना मुश्किल काम
- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) के सामने गाजा पर हमले के बाद सबसे बड़ी चुनौती ही यही थी कि हमास के टनल नेटवर्क का पता कैसे लगाया जाए। बाद में मैपिंग टेक्नोलॉजी और इसके बाद मैपिंग रोबोट का इस्तेमाल किया गया।
- इसके उपयोग से बहुत सफलता मिली। इन टनल्स में सीधा घुसना खतरे से खाली नहीं था। लिहाजा, इजराइली सेना ने ब्लास्ट जेल का इस्तेमाल करना शुरू किया। कम से कम तीन एंट्रेंस का पता इसी तकनीक से लगाया गया और बाद में इस पूरे नेटवर्क तो तबाह कर दिया गया।
- एक इजराइली अफसर ने कहा- टनल नेटवर्क का पता लगाना और फिर उसे खत्म करना ही हमारा पहला मिशन था। इसमें जबरदस्त कामयाबी मिली है। कई बार हमारे रोबोट टनल्स के काफी अंदर तक गए और वहां की पूरी मैपिंग हमें भेजते रहे। बाकी काम फोर्स ने किया। इस अफसर ने कहा- इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती, क्योंकि ऑपरेशन अभी चल रहा है।

एक भी हमास आतंकी नहीं बचेगा
इजराइल के एयरफोर्स चीफ मेजर जनरल टोमर बार ने गुरुवार रात मीडिया से बातचीत की। कहा- 7 अक्टूबर को हमास ने हमारे देश पर हमला किया था। इसके बाद हमने तय कर लिया कि अब हमास को जड़ से खत्म करना है। आप यह तय मानिए कि हमास के किसी आतंकी को किसी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। हमने अब तक हजारों आतंकियों को मार गिराया है।
एयरफोर्स चीफ ने कहा- हमने फैसला किया है कि जब तक अपने फर्ज को अंजाम तक नहीं पहुंचाएंगे, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा। इसलिए हमारी टीम नॉन स्टॉप काम कर रही है। हम हमास पर जमीन के ऊपर और जमीन के अंदर, हर जगह हमले कर रहे हैं। हमारी फोर्स इतनी ताकतवर है कि वो मिडिल ईस्ट में कभी भी, कहीं भी और किसी भी वक्त अपने दुश्मन को तबाह करने की काबिलियत रखती है।

एंटी वॉर रैली को मंजूरी
- इजराइल के एक हाईकोर्ट ने एसोसिएशन फॉर सिविल राइट्स की शनिवार को होने वाली एंटी वॉर प्रोटेस्ट रैली की मंजूरी दे दी है। पुलिस ने पहले इसकी मंजूरी से इनकार कर दिया था। बाद में संगठन ने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करके इसकी मंजूरी मांगी थी।
- इस संगठन में ज्यादातर अरब मूल के लोग हैं और ये अरब हादाश पार्टी से जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस रैली की वजह से इजराइल में अंदरूनी हालात बिगड़ सकते हैं। दूसरी तरफ, संगठन का कहना है कि ये उनकी आवाज दबाने की कोशिश है और रैली से कानून व्यवस्था को खतरा नहीं है।
- हाईकोर्ट ने रैली का स्थान बदलते हुए आयोजकों से साफ कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और रैली में किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए।
नेतन्याहू की पत्नी ने ब्रिटिश PM की पत्नी को लेटर लिखा
इजराइल-हमास जंग के बीच बंधकों को छुड़ाने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति को एक लेटर भेजा है। इसमें हमास की कैद से इजराइली बंधकों को छुड़ाने की अपील की गई है।
लेटर में सारा ने लिखा है कि हमास की कैद में एक इजराइली महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है। आप उन हत्यारों की बीच मां बनी महिला की स्थिति समझ सकती हैं। हमास की कैद में 32 बच्चे भी हैं इनमें से एक बच्चा तो केवल 10 महीने का है, जिसने चलना भी नहीं सीखा और वो किडनैप हो गया है।
सारा ने ये लेटर अक्षता के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी जिल बाइडेन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पत्नी ब्रिजेटी मैक्रों को भी भेजा है। सारा ने लिखा है कि सभी देशों को मिलकर सभी बंधकों की बिना शर्त रिहाई की मांग करनी चाहिए।

अब दक्षिणी गाजा भी खाली करा रही इजराइली सेना
वहीं, इजराइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने गाजा के बंदरगाह को भी अपने कब्जे में ले लिया है। यहां भी कई सुरंगे मिली हैं, जिन्हें IDF ने तबाह कर दिया है। इजराइली सेना ने बताया है कि इस इलाके में हमास के नेवल कमांडो तैयार किए जा रहे थे। सेना ने यहां हमास के 10 लड़ाकों को भी ढेर किया है।
उत्तरी गाजा के बाद अब दक्षिणी गाजा भी खाली कराने जा रही है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की डिफेंस फोर्सेस ने दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में अरबी भाषा में लिखे पर्चे गिराए हैं।
उत्तरी गाजा में जमीनी घुसपैठ से पहले इजराइल ने वहां भी पर्चे गिरवाकर लोगों से इलाका खाली करने की अपील की थी। खान युनिस में गिराए पर्चों पर लिखा है कि जो भी हमास के नेताओं या उनके कमांड सेंटर के आस-पास मौजूद है वो अपनी जान जोखिम में डाल रहा है।

इजराइल-हमास जंग की 5 अहम तस्वीरें...





हमास चीफ हानिये के घर पर इजराइली सेना का हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि जंग के बाद फिलिस्तीन देश का अस्तित्व बना रहना चाहिए। दरअसल, नेतन्याहू का कहना है कि जंग के बाद गाजा पर उनकी सेना का कब्जा होगा। दक्षिणी गाजा खाली करने के इजराइली सेना के फरमान के बाद इस इलाके पर कंट्रोल की चिंता और बढ़ गई है।
इधर, इजराइल-हमास जंग के 41वें दिन इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमास चीफ इस्माइल हानिये के घर पर फाइटर जेट से हमला किया। सेना ने दावा किया है कि हमास इस घर में अपने लड़ाकों के साथ मीटिंग करता था।

अल-शिफा अस्पताल के लैपटॉप में बंधकों की तस्वीरें
गाजा के अल-शिफा अस्पताल में IDF ने 18 घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इजराइल के टैंक अब भी अस्पताल कैंपस में मौजूद हैं। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उन्हें अस्पताल में हमास के हथियार, खुफिया सामान और कई मिलिट्री इक्विपमेंट्स मिले हैं। सेना ने कहा है कि अस्पताल से एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है, जिसमें बंधकों की तस्वीरें और उनकी जानकारी हैं।
इसके अलावा उन्होंने यहां हमास का हेडक्वार्टर, इंटेलिजेंस सेट-अप और यूनिफॉर्म्स भी मिलने की बात कही है। सेना ने बताया कि हमास ने कई हथियार और ग्रेनेड MRI मशीनों के पास छिपा रखे थे। हमास के ऑपरेशन पर जानकारी के लिए IDF ने अस्पताल में मौजूद लोगों से भी बातचीत की।

'अल-अक्सा फ्लड' के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन 'सोर्ड्स ऑफ आयरन'
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को 'अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद?
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।
गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।

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इजराइल में यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों की बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर पवित्र मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुछ फिलिस्तीनियों ने खुद को पटाखों, लाठी और पत्थरों के साथ मस्जिद में बंद कर लिया था और बाहर बैरिकेडिंग लगा दी थी।

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