आग से खेल रहा है हिजबुल्लाह:नेतन्याहू बोले- हमारा जवाब खतरनाक होगा; फिलिस्तीन के समर्थन पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा से माइक छीना
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को एक बार फिर वॉर्निंग दी। कहा- हिजबुल्लाह आग से खेल रहा है। हमारा जवाब बेहद खतरनाक होगा और इसमें ज्यादा आग होगी। उन्होंने ये बातें सोमवार को इजराइली सेना की एक बटालियन से कहीं।
इस बीच क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग नीदरलैंड में एक रैली में शामिल हुईं। भाषण के दौरान उन्होंने जंग का मुद्दा उठाते हुए फिलिस्तीनियों के पक्ष में अपने विचार रखे। तभी एक दूसरा एक्टिविस्ट स्टेज पर आ गया।
BBC के मुताबिक, इस एक्टिविस्ट ने ग्रेटा के हाथ से माइक छीनकर कहा कि वो यहां क्लाइमेट पर बात करने आए हैं, उन्हें राजनीतिक राय नहीं चाहिए। इस पर ग्रेटा के समर्थकों ने उसे घेर लिया और उसे स्टेज से नीचे उतार दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इजराइल ने अल-शिफा अस्पताल भेजा 300 लीटर फ्यूल
दूसरी तरफ, गाजा में एक के बाद एक अस्पताल बंद पड़ते जा रहे हैं, जिससे मरीजों की मौत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है फ्यूल की कमी। UN ने रविवार को बताया कि गाजा का सबसे बड़ा अल-शिफा अस्पताल और अल-कुद्स अस्पताल में अब काम नहीं हो पा रहा है।
संसाधनों की कमी की वजह से अस्पताल के तौर पर इसकी फंक्शनिंग बंद पड़ गई है। इसके बाद इजराइली सेना ने अल-शिफा अस्पताल में 300 लीटर फ्यूल पहुंचाया। सेना ने दावा किया कि इस दौरान हमास ने उन्हें रोकने की भी कोशिश की।

हमास लड़ाके के पास मिली हिटलर की किताब
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसे हमास के एक लड़ाके के सामान से हिटलर की किताब 'मीन काम्फ' मिली है। उन्होंने कहा कि इस किताब में कई नोट्स भी लिखे गए थे। सेना ने बताया कि हिटलर की विचारधारा पर चलकर ही हमास यहूदियों से नफरत और उन पर जुल्म करना सीखता है। वो गाजा में इस मानसिकता को फैलाता है।
इजराइली राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि यह वही किताब है जिसकी वजह से दूसरा विश्व युद्ध और यहूदियों का नरसंहार हुआ था। हमास इजराइल में दोबारा यही करना चाहता है।

नेतन्याहू बोले- बंधकों को छुड़ाने के लिए समझौता कर सकते हैं
दूसरी तरफ इजराइली सेना का हिस्सा शिन बेट ने बताया कि उन्होंने गाजा से 20 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। वहीं इजराइल के PM नेतन्याहू ने रविवार को पहली बार कहा कि वो बंधकों को छुड़ाने के लिए समझौता कर सकते हैं।
NBC के साथ इंटरव्यू में जब उनसे बंधकों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए समझौता हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
अमेरिका ने सीरिया में एयरस्ट्राइक की

वहीं अमेरिका ने रविवार को सीरिया में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पेंटागन ने बताया कि उन्होंने एयरफोर्स F-15E फाइटर जेट्स से अबु कमल में कई इमारतों पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल ट्रेनिंग और हथियार रखने के लिए किया जाता था।
इसके अलावा रविवार को इजराइली एयरफोर्स ने UN के एक कंपाउंड पर हवाई हमला किया। UN ने एक बयान में कहा- गाजा में हमारी फैसेलिटी पर हमला हुआ है। इसमें कई लोग मारे गए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी फिलिस्तीनी रिफ्यूजी थे, जिन्होंने यहां पनाह ली थी। इजराइल ने अब तक इस बारे में कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
रविवार को लेबनान से हिजबुल्लाह ने एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल से हमला किया। इसमें 14 नागरिक घायल हो गए। इसके बाद एक और हमले में इजराइल के मेनारा समुदाय के पास तैनात 7 सैनिक भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है। इजराइल की डिफेंस फोर्स ने बताया कि उन्होंने जवाब में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।

बंधकों को छुड़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
हमास के कब्जे में 200 से ज्यादा बंधक हैं। इनके परिवारों और हजारों आम लोगों ने तेल अवीव में प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि सरकार सबसे पहले बंधकों को छुड़ाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए।
शनिवार रात हुए प्रदर्शन में लोगों ने बंधकों के पोस्टर हाथ में ले रखे थे। 7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1200 लोग मारे गए थे। इसके अलावा करीब 200 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
UN में भारत ने इजराइल के खिलाफ वोट दिया
इजराइल और हमास जंग के बीच भारत ने फिलिस्तीन में इजराइली कब्जे के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को UN में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें फिलिस्तीन के ईस्ट यरूशलम, सीरियाई गोलन समेत फिलिस्तीनी इलाकों पर इजराइली कब्जे की निंदा की गई थी।
इस प्रस्ताव के पक्ष में भारत समेत 145 देशों ने वोट किया। 7 देशों ने इसके खिलाफ तो वहीं 18 देश वोटिंग से दूर रहे। शनिवार को इजराइली PM नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी को गाजा नहीं सौंपेंगे। गाजा पर हमारी सेना का ही कंट्रोल होगा। यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर विश्वास नहीं है।

सीजफायर पर समिट के लिए सऊदी पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति
दूसरी तरफ, सऊदी अरब और ईरान ने शनिवार को साथ आकर गाजा में सीजफायर की मांग की। दशकों बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी जंग पर बातचीत के लिए सऊदी की राजधानी रियाद पहुंचे। यहां सीजफायर से जुड़ी एक बैठक में अरब देशों ने इजराइल पर हथियारों को लेकर प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए फिलिस्तीनी मुद्दे को हल करना बेहद जरूरी है।
ईरान के राष्ट्रपति रईसी ने बैठक के दौरान इजराइली सेना को आतंकवादी संगठन करार दिया। इसके अलावा अरब देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि इजराइल फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ आतंक फैला रहा है। हालांकि, सभी अरब देश उस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं आए, जिसमें इजराइल पर दबाव बनाने के लिए उसे तेल सप्लाई बंद करने की बात कही गई थी।

गाजा में हर दस मिनट में एक बच्चे की मौत
गाजा में इजराइल का जमीनी ऑपरेशन जारी है। इस बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO के चीफ ने UNSC को बताया है कि इजराइली बमबारी से गाजा में हर दस मिनट में एक बच्चे की मौत हो रही है। जंग में अब तक गाजा के 11 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है। मरने वालों में 4506 बच्चे हैं।
इजराइल ने 7 अक्टूबर को हमास के हमले में मरने वाले लोगों की संख्या घटा दी है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पहले 1400 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन ये संख्या 1200 है।
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'अल-अक्सा फ्लड' के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन 'सोर्ड्स ऑफ आयरन'
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को 'अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद?
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।
गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।

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इजराइल में यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों की बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर पवित्र मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुछ फिलिस्तीनियों ने खुद को पटाखों, लाठी और पत्थरों के साथ मस्जिद में बंद कर लिया था और बाहर बैरिकेडिंग लगा दी थी।

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