PAK चुनाव में धांधली हुई, पोलिंग अधिकारी का खुलासा:कहा- इमरान समर्थक निर्दलीयों को हरवाया, चुनाव आयोग अध्यक्ष और चीफ जस्टिस भी शामिल थे

पाकिस्तान के रावलपिंडी के पोलिंग अधिकारी लियाकत अली चट्टा ने शनिवार को स्वीकार किया कि उन्होंने चुनाव में धांधली की थी। जियो न्यूज के मुताबिक, लियाकत ने कहा- निर्दलीय उम्मीदवार 70-80 हजार वोटों के साथ लीड पर थे। वे जीत रहे थे, लेकिन हमने नकली बैलेट पेपर के जरिए उन्हें हरा दिया। मैं अपने जुर्म की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।

 

अधिकारी ने कहा- धांधली में चुनाव आयोग के अध्यक्ष और पाकिस्तान के चीफ जस्टिस भी मिले हुए हैं। हमने चुनाव में हार रहे उम्मीदवारों को 50 हजार वोटों के अंतर से जिताया है। यह सब PTI समर्थन वाले निर्दलीयों को हराने के लिए किया गया। पद से इस्तीफा देते हुए लियाकत ने कहा- मैं मुल्क को तोड़ने के इस जुर्म का भागीदार नहीं बनना चाहता।

आरोपों के बीच पाकिस्तान के चीफ जस्टिस काजी फैज ईसा ने कहा है कि पोलिंग अधिकारी इस बात का सबूत दें कि चुनावी धांधली में वो शामिल थे। नवाज की पार्टी PML-N की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने भी पोलिंग अधिकारी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

पाकिस्तान के 12 शहरों में PTI का प्रदर्शन, इस्लामाबाद में धारा 144 लागू
पाकिस्तान के 12 शहरों में इमरान की पार्टी PTI प्रदर्शन कर रही है। पुलिस ने PTI के कई नेताओं को हिरासत में लिया। इमरान समर्थकों का कहना है कि अगर हम पर हिंसा का इस्तेमाल हुआ तो हम भी जवाब देंगे। केयरटेकर सरकार और फौज ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा की आशंका के चलते शुक्रवार रात एक मीटिंग की। इसमें फौज के आला अफसर भी शामिल हुए। इस्लामाबाद में धारा 144 लागू है।

दूसरी तरफ, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बैरिस्टर अली सैफ ने कहा है कि पार्टी ने केंद्र सरकार और पंजाब विधानसभा में विपक्ष में बैठने का फैसला किया है।

PTI पहले भी कई बार साफ कर चुकी है कि वो गठबंधन सरकार नहीं बनाएगी और विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। सैफ ने कहा- विपक्ष में बैठने का फैसला इमरान खान के कहने पर लिया गया है।

तस्वीर इस्लामाबाद की है, जहां PTI के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया।
तस्वीर इस्लामाबाद की है, जहां PTI के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया।

मौलान फजल-उर-रहमान की पार्टी को भी न्योता
शुक्रवार शाम PTI ने मौलाना फजल-उर-रहमान की पार्टी जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम को भी प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया था। हालांकि मौलाना की पार्टी ने इस पर कुछ नहीं कहा।

PTI के एक नेता ने जियो न्यूज से कहा था- हम चाहते हैं कि चुनाव में धांधली के विरोध की आवाज पाकिस्तान के हर घर तक पहुंचे। इसलिए हमने मौलाना फजल समेत कई नेताओं और पार्टियों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया है। हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते।

उन्होंने कहा- हम चाहें तो बहुत जल्द केंद्र में सरकार बना सकते हैं। इसके लिए कई लोग हमारे साथ आने को तैयार हैं, लेकिन इस वक्त यह करना सही नहीं होगा, क्योंकि इससे ये मैसेज जाएगा कि हम सत्ता के भूखे हैं।

जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान ने जेल से एक मैसेज मौलाना फजल और आसिफ अली जरदारी को भेजा था। हालांकि ये किस बारे में था, यह साफ नहीं है।
जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान ने जेल से एक मैसेज मौलाना फजल और आसिफ अली जरदारी को भेजा था। हालांकि ये किस बारे में था, यह साफ नहीं है।

आर्मी-ISI ने गिराई इमरान सरकार

  • पाकिस्तान में चुनावों के बाद सरकार बनाने को लेकर जारी सियासी उठापटक के बीच JUI-F पार्टी के प्रमुख मौलाना फजल उर-रहमान ने कहा है कि 2022 में इमरान खान की सरकार गिराने के पीछे फौज और ISI का हाथ था। जनरल बाजवा और इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस के फैज हमीद मिलकर इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे।
  • पाकिस्तान के समा टीवी के साथ इंटरव्यू के दौरान मौलाना ने कहा- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नेतृत्व किया था। मैं इसके पक्ष में नहीं था, लेकिन मैंने इसका समर्थन किया क्योंकि तब मैं पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) का हिस्सा था। अगर मैं उनका साथ नहीं देता तो वे कहते कि मैंने इमरान खान को बचाया।
  • दरअसल, 2020 में इमरान के खिलाफ बने गठबंधन PDM के चीफ मौलाना फजल ही थे। यह 13 पार्टियों का अलायंस था, जिसमें शाहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली PML-N और बिलावल भुट्टो की पार्टी PPP भी शामिल थी।

 

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