IMF चीफ बोलीं- AI से 40% नौकरियां जाने का खतरा:कहा- 2024 दुनिया के लिए मुश्किल होगा, चुनाव की वजह से देशों पर कर्ज बढ़ेगा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनियाभर में जॉब सिक्योरिटी के लिए खतरनाक साबित होगा।
स्विट्जरलैंड के दावोस में आज (15 जनवरी) से शुरू हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में शामिल होने से पहले IMF चीफ जॉर्जीवा ने कहा- AI से विकसित देशों की 60% नौकरियां खतरे में आ जाएंगी। यह जॉब सिक्योरिटी के लिहाज से भी खतरनाक साबित होगा। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए मौके पैदा करेगा।
IMF की एक नई रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा- विकासशील देशों में AI का प्रभाव कम हो सकता है, लेकिन वैश्विक स्तर पर करीब 40 प्रतिशत नौकरियों पर AI का असर पड़ सकता है। वहीं, उन्होंने 2024 के लिए दुनिया को चेताया है।
उन्होंने कहा कि 2024 दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल साल हो सकता है। दुनिया कोरोना के वक्त लिए गए कर्ज के जाल से अभी तक नहीं निकल पाई है। वहीं इस साल दुनिया में 60 से ज्यादा देशों में चुनाव हैं। ऐसे में सरकारें लोगों को लुभाने के लिए पैसे खर्च करेंगी, इससे देशों पर कर्ज और बढ़ेगा।

छोटे देशों की मदद करनी होगी
14 जनवरी को IMF की नई रिपोर्ट पब्लिश हुई। इसमें अनुमान जताया गया है कि उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में लेबर मार्केट पर AI का शुरुआती असर कम होगा।
IMF चीफ ने कहा- हमें विशेष रूप से कम आय वाले देशों को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से बनने वाले अवसरों का लाभ उठा सकें।
AI का असर अच्छा भी हो सकता है
IMF की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनियाभर की आधी नौकरियों पर AI का गलत असर पड़ेगा। बाकी बची आधी नौकरियों पर इसके अच्छे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खतरा उन देशों में सबसे ज्यादा होगा, जहां हाई स्किल्ड जॉब की डिमांड होगी।
IMF चीफ जॉर्जीवा ने कहा- एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से आपकी नौकरी पूरी तरह से खत्म हो सकती है, दूसरी तरफ नौकरियां बढ़ सकती हैं। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे तो आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। इससे इनकम, लिविंग स्टैंडर्ड भी बढ़ेगा। इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर होगा।

OpenAI के CEO बोले- AI से प्रोडक्टिविटी 100 गुना होगी पर क्रिएटिविटी नहीं बढ़ेगी
OpenAI के CEO और एआई चैटबोट ‘चैट जीपीटी’ के क्रिएटर सैम ऑल्टमैन का कहना है- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साइंस की खोजी गई सबसे परिवर्तनकारी तकनीक है। यह नए अवसर दे रही है। इंसान की तुलना में 100 गुना ज्यादा काम कर सकती है, लेकिन मानव की बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता को कभी लांघ नहीं पाएगी।
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