सुधीर चौधरी अपने ख़िलाफ़ FIR को पुलित्ज़र कैसे कह रहे हैं? शो में इस्तेमाल हुआ ‘जिहाद चार्ट’ भी 5 साल पुराना निकला

By : Sam Jawed, Pooja Chaudhuri

ज़ी न्यूज़ के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी ने 7 मई को अपने ऊपर हुई एक FIR की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा, “यह मेरा सही खबर दिखाने के लिए मुझे मिला पुलित्ज़र अवॉर्ड है.” FIR में लिखा है कि “सुधीर चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया क्योंकि उन्होंने 11 मार्च 2020 को जी न्यूज़ में अपने प्रोग्राम DNA में मुस्लिम समुदाय का अपमान किया.” एक और ट्वीट में सुधीर चौधरी ने कहा कि यह उनके ‘जम्मू में ज़मीन जिहाद और केरल में लव जिहाद के ख़िलाफ़ बोलने की कीमत है.’

पुलित्ज़र?

FIR में सुधीर चौधरी के 11 मई के DNA कार्यक्रम को लेकर बात की गई है जिसमें वो 5 मिनट तक ‘अलग-अलग किस्म के जिहाद’ के बारे में ज्ञान दे रहे थे. “आज हमारे पास जिहाद से सम्बंधित एक डायग्राम है, जिसे हम चाहते हैं कि आप पढ़ें ताकि आप इस साज़िश को समझ सकें.” इसके बाद चौधरी ‘हार्ड’ और ‘सॉफ्ट’ जिहाद को परिभाषित करते हैं. डायग्राम की मदद से वो जिहाद का इतिहास, मीडिया जिहाद, लव जिहाद, फ़िल्म जिहाद, जनसंख्या जिहाद और ज़मीन जिहाद वगैरह समझाते हैं.

24 अप्रैल को कसाबा थाने में कोझिकोड के AIYF राज्य संयुक्त सचिव एडवोकेट पी गवास के द्वारा FIR दर्ज कराई गई. चौधरी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295A (अपमान की दुर्भावना रखने, किसी धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी करके किसी समुदाय की भावनाएं भड़काने) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

गवास ने अपनी शिकायत की कॉपी ऑल्ट न्यूज़ के साथ शेयर की है जिसमें कहा गया है, “ज़ी न्यूज़ के मुखिया और प्रधान संपादक सुधीर चौधरी ने अपने कार्यक्रम में मुस्लिमों के द्वारा फैलाये गए अलग-अलग प्रकार के जिहाद के बारे में खबर दिखाई. उन्होंने भारतीय मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए एक डायग्राम का इस्तेमाल किया. उन्होंने अपने शो में ऐसे कमेंट किए जो धार्मिक नफरत और साम्प्रदायिक दंगे फैला सकते हैं.” शिकायत में 11 मार्च के शो ‘जिहाद के प्रकार’ का मलयालम अनुवाद भी जोड़ा गया है.

‘आइडिया चोरी जिहाद’

विडम्बना देखिए कि ज़ी न्यूज़ ने एक चालू फ़ेसबुक पेज के चार्ट की ‘साहित्यिक चोरी’ की है. न्यूज़लांड्री ने ‘बायकॉट हलाल इन इंडिया’ नाम के फेसबुक पेज के 5 साल पुरानी पोस्ट का पता लगाया. फ़ेसबुक पेज ने इस बात का विस्तृत वर्णन किया है कि कैसे ‘हलाल’ आर्थिक जिहाद का उदाहरण है.

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह तस्वीर 1 अगस्त 2015 से भी पुरानी है, जब इसे ‘बॉयकॉट हलाल’ नाम के पेज से पोस्ट किया गया था. इस पर ‘सेकुलरिज़्म की टोपी’ नाम के फ़ेसबुक पेज का वॉटरमार्क है जो अब डिलीट हो चुका है. यह चार्ट sickular. com नाम के ब्लॉग पर भी 2015 में लगा मिला जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रोपगैंडा फैलाने का काम करता रहा है. यह तस्वीर विभिन्न फ़ेसबुक और ट्विटर यूजर्स द्वारा 2014 से ही इस्लामोफ़ोबिक बातों के साथ वायरल किया जा रहा है, जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया था. नीचे भाजपा समर्थक पायल रोहतगी का ट्वीट है जो उन्होंने सितंबर 2019 में किया था.

Why did Mughals come to Bharatvarsh from Middle-east? They wanted to CONQUER, do


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