Exclusive Interview: भारत के साथ मजबूत सैन्य और स्वास्थ्य सहयोग की तैयारी : सऊदी अरब

सऊदी अरब के राजदूत डॉ. सउद बिन-मोहम्मद अल-सती मानते हैं कि दोनो देशों के रिश्ते जिस ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं उसकी अभी सिर्फ शुरुआत हुई है।

 

नई दिल्‍ली : भारत और सऊदी अरब के रिश्तों के मौजूदा काल को इनके द्विपक्षीय रिश्तों का सर्वश्रेष्ठ समय माना जा रहा है। नई दिल्ली में सऊदी अरब के राजदूत डॉ. सउद बिन-मोहम्मद अल-सती मानते हैं कि दोनो देशों के रिश्ते जिस ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं, उसकी अभी सिर्फ शुरुआत हुई है। दैनिक जागरण के विशेष संवादाता जयप्रकाश रंजन के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि सैन्य व स्वास्थ्य दो ऐसे क्षेत्र होंगे जहां भारत व सऊदी अरब के बीच सहयोग को लेकर कई अहम घोषणाएं निकट भविष्य में हो सकती हैं। 

प्रश्न: पीएम नरेंद्र मोदी की पिछली रियाद यात्रा के दौरान सऊदी अरब और भारत के बीच एक सिक्योरिटी सहयोग समझौता किया गया है, उसका भविष्य क्या है?

उत्तर: भारत और सऊदी अरब के बीच सुरक्षा संबंधी सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं। आपको मालूम भी होगा कि हमने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किया है। आतंकवाद के खिलाफ हमारे बीच किये गये समझौते का तो नतीजा भी सामने आने लगा है। हम आतंकवादी वारदातों व आतंकी संगठनों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर लगातार संपर्क में रहते हैं। हम धार्मिक कट्टरपन के खात्मे को लेकर भी एक दूसरे की मदद कर रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र में भी हम की तरह के सहयोग के लिए लगातार संपर्क में है। रक्षा उपकरणों का निर्माण भी इसमें शामिल है। इस बारे में दोनो पक्षों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। हम बेहद मजबूत सैन्य सहयोग की तरफ बढ़ रहे हैं। जिस तरह से ऊर्जा सहयोग अभी दोनो देशों के बीच बहुत अहम है उसी तरह से रक्षा क्षेत्र में भी हम काफी काम कर सकते हैं। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सऊदी अरब हरसंभव मदद कर रहा है और उसकी हर जरुरत को पूरा करने को हम वचनबद्ध हैं।

 

प्रश्न: कोविड-19 ने जिस तरह के हालात बनाये हैं, उसके बाद क्या हम हेल्थ सेक्टर में सहयोग को नई दिशा देने की सोच रहे हैं?

उत्तर: मेरा मानना है कि सुरक्षा और हेल्थ दो ऐसे सेक्टर हैं जो भारत व सऊदी अरब के बीच रिश्तों को नई दिशा देंगे। हेल्थ सेक्टर में पहले से ही सऊदी अरब व भारत में कई तरह के संपर्क हैं। मसलन, भारतीय नर्स व डॉक्टरों व दूसरे चिकित्साकर्मियों को सऊदी अरब में काफी इज्जत से देखा जाता है। हम बात चिकित्सा के हर क्षेत्र में मौजूदा सहयोग को बढ़ाने व नई चुनौतियों के मुताबिक ढालने के बातचीत शुरू कर चुके हैं।

दोनों देशों के बीच दवा व अन्य चिकित्सीय सामग्रियों के निर्माण से लेकर शोध करने तक के क्षेत्र में आपार संभावनाएं हैं। हम भारतीय कंपनियों व हेल्थ सेक्टर की निजी कंपनियों को अपने देश में निवेश करने के लिए बुला रहे हैं और उन्हें हर तरह की सुविधा देने को तैयार हैं। कोविड-19 से हम सीख ले कर भविष्य की तैयारी में भी जुटे हैं ताकि कैसे महामारी को समय पर रोका जा सके।

प्रश्न: पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है, सऊदी अरब इसमें किस तरह से मदद देगा?

 

उत्तर: भारत हमारे सबसे अहम रणनीतिक साझेदार देशों में है। हम भारत में निवेश करने के तमाम विकल्पों पर विमर्श कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि भारत वर्ष 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनोमी बनेगा, सऊदी अरब किंगडम इस यात्रा में भारत का बड़ा पार्टनर बनना चाहता है। आपको याद होगा कि फरवरी, 2019 में सऊदी क्राउन प्रिंस की भारत यात्रा के दौरान संयुक्त सहयोग व निवेश को लेकर कई क्षेत्रों की पहचान की गई थी।

मेक इन इंडिया, क्लीन इंडिया व स्मार्ट सिटी जैसे भारत सरकार के कार्यक्रमों की पहचान की गई थी। पिछले दो वर्षो में भारत में सऊदी अरब का निवेश 27 अरब डॉलर से बढ़ कर 34 अरब डॉलर हो चुका है। हम इसी मंशा के साथ आत्मनिर्भर भारत के लिए तैयार हैं। हमें उम्मीद है कि यह सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के लिए कई संभावनाएं पैदा करेगा। 

 

Courtesy Dainik Jagran

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