एशिया टाइम्स वीकली फोटो फीचर : "कौन जाए 'ज़ौक़' अब दिल्ली की गलियाँ छोड़ कर
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मोहसिन जावेद[/caption]
मोहसिन जावेद[/caption]
नई दिल्ली : (एशिया टाइम्स )दिल्ली के हज़ारों रंग हैं, दिल्ली हिन्दुस्तान के आसमान का एक चमकदार सितारा होने के साथ-साथ पुरानी शान-ओ-शौकत और गंगा-जमुनी तहज़ीब का मर्कज़ भी है। इसके गली-कूचे इतिहास की बेरहम सच्चाइयों के गवाह रहे हैं।
यहीं के शायरों ने अपने कलाम में दिल्ली का ज़िक्र जिस जज़्बाती अन्दाज़ में किया है वह पढ़ने से ज़्यादा महसूस करने की शय है। दिल्ली शायरी इसके माज़ी और हाल की ऐसी तस्वीर है जो उर्दू शायरी के सिवा कहीं और नहीं मिल सकती।
शायर ने इसकी तस्वीर लफ़्ज़ों से खींची है तो दिल्ली के युवा फोटोग्राफर मोहसिन जावेद ने पुरानी दिल्ली के इस रंग को अपने कैमरे में उतारा है |
पेश है यह झलकः शायद इसीलिए शेख इब्राहिम ज़ौक़ ने कहा था "कौन जाए 'ज़ौक़' अब दिल्ली की गलियाँ छोड़ कर |"
फोटो : मोहसिन जावेद
फोटो : मोहसिन जावेद
फोटो : मोहसिन जावेद

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