बिहार: बूथों की संख्या बढ़ाने व मतदाताओं के लिए बीमा कराने से चुनाव आयोग का इनकार

 

भारत निर्वाचन आयोग ने एक बूथ पर 1000 की जगह 700 या 500 मतदाता करने व मतदाताओं के लिए बीमा कवर दिए जाने की मांग को इनकार कर दिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि 1500 से 1000 मतदाता पर एक बूथ किए जाने के निर्णय से राज्य में 65333 (2015 विधानसभा चुनाव) बूथ से बढ़कर इनकी संख्या 1 लाख 6 हजार 507 हो चुकी है। इसको लेकर लॉजिस्टिक व मैनपावर की व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बिहार में 6.7 करोड़ मतदाता (2015 में) थे जो बढ़कर 7.29 करोड़ हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की बीमा की मांग को लेकर उन्होंने राजनीतिक दलों को ही इसकी व्यवस्था करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हम तो 65 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की सुविधा देना चाहते थे लेकिन इसे रोकना पड़ा।

स्टार प्रचारकों के समक्ष भीड़ उमड़ने पर सख्ती नहीं होगी
अरोड़ा ने कहा कि स्टार प्रचारकों के चुनाव प्रचार के दौरान भीड़ उमड़ने पर पदाधिकारी सख्ती नहीं करेंगे, बल्कि उनसे सामाजिक दूरी के पालन करने का आग्रह करेंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि अगर कोई शरारती होगा तो उसे अधिकारी पकड़ कर अपने साथ ले जाएंगे।

भभुआ डीएम को ही आइकॉन बनाया जाए
अरोड़ा ने कहा कि बोधगया में नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के दौरान पता चला कि भभुआ के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी डॉक्टर हैं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। सीईओ, बिहार को कहा है कि ऐसे अधिकारी को ही चुनाव आइकॉन बनाएं। उन्होंने चुनाव के दौरान धनबल के दुष्प्रभावों को रोकने की चर्चा की और कहा कि अधिकारियों ने बैठक के दौरान बताया कि दो दिनों में 1.31 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं।

आयोग ने मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की
चुनाव आयोग ने गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत व अन्य अधिकारियों के साथ चुनाव तैयारियों को लेकर बैठक की। आयोग के तीन दिनों के दौरान चुनाव से जुड़े तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

0 comments

Leave a Reply