एक कामयाब लीडर का विज़न देखें : इन्कलाब  के महज़ 22 दिन के भीतर ही कायम कर दिया था ‘ रिलीफ फाउंडेशन’

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नई दिल्ली :  (एशिया टाइम्स ) “ लीडर वह होता है जो रास्ता जानता है ,रास्ते  पर चलता है और दूसरों को रास्ता दिखता है , लीडर वह होता है जो लक्ष्य पर आधारित कौम का स्पष्ट विज़न तय करता है . उन्हें हौसला देता है,  उनका मार्गदर्शन करता है .नैतिक मूल्यों के आधार  पर उन्हें तैयार करता है ,और लीडर वह होता है जो लक्ष्यों  को प्राप्त करने की प्रक्रिया में दूसरों को शामिल करता है “ . एक आदर्श लीडर की क्वालिटी बयाँ करने वाली उक्त पक्तियां मुझे बहुत पहले नज़र से गुजरीं थीं , तभी से ज़ेहन में रह रह कर ऐसे व्यतित्व को खोजता था .मेरी यह खोज पूरी हुई इसी माह के प्रथम सप्ताह में ईरान पहुंच कर. इमाम खोमैनी की कयादत में 11 फरवरी  1979 को इस्लामी इंक़लाब के बाद ईरान ने ज़िन्दगी के तमाम मैदानों में खुद को आगे बढ़ने में जिस हौसले और जौहर का मुजाहिरा किया काबिले तकलीद है. Image result for imam khomeini relief foundation यह इमाम खोमैनी का ही विज़न था की अभी इन्कलाब को एक माह भी नहीं गुज़रे थे ज़ुल्म के शिकार अवाम की खबर गीरी के लिए पहला काम यह किया  की  5 मार्च 1979 को इमाम खोमैनी रिलीफ फाउंडेशन कायम करने का एलान  किया .सबसे पहले उनको लोगों की आर्थिक समस्या के  समाधान की फ़िक्र  थी ताकि फौरी तौर पर मजलूमों ,बेसहारा लोगों मोहताजों की मदद की जाये और उनको अपने पैरों पर खड़ा किया जाये  तभी यह लोग देश की तरक्की और सुरक्षा में अपनी भागीदारी निभा सकें गे इमाम खोमैनी का मानना था की कौम तब तक खड़ी  नहीं हो सकती  जब तक उनकी आर्थिक समस्याओं  का समाधान न हो.   इसीलिए उन्हों ने मात्र 22 दिन के भीतर ही यह फाउंडेशन कायम कर दिया जहां लोगों के सदकात,खैरात,जकात और,फितरा की रक़म जमा होती है,इस के लिए फाउंडेशन ने जगह जगह बॉक्स लगा रखे हैं जहां लोग अपनी  रक़म डालते हैं इदारा ज़रुरत मंदों की पहचान कर उन तक पहुंचता है .इसी लिए हमें पूरे हफ्ते में कहीं सडक पर कोई भिखारी नज़र नहीं आया . यह इदारा 4 लाख यतीम बचों की शिक्षा दीक्षा का बन्दोंबसत करता है , बेवा महिलाओं को वजीफा और बीमारों का इलाज करता है ,स्किल डेवलपमेंट स्कीम से नौजवानों को ट्रेनिंग देता है . इस के द्वारा लोगों को इस लायक बनाता ताकि वह भी देश की तरक्की के अपना योगदान दें और समाज में सम्माज जनक ज़िन्दगी गुजारें . इमाम खोमैनी  रिलीफ फाउंडेशन के जरिए तकरीबन 15 लाख परिवार के 40 लाख लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। जिसमें 60 फीसदी महिलाओं की तादात है

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