दिल्ली में रोहिंग्या को मिली विंटर रिलीफ: अच्छे कम्बल पाकर काफी खुश नज़र आये लोग
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नई दिली :(एशिया टाइम्स ) दिल्ली , हैदराबाद, जम्मू ,फरीदाबाद में लगभग ४० हज़ार रोहिंग्या लोग पनाह लिए हुए हैं . रोहिंग्या मुसलमानों के साथ होने वाली ज्यादती से पूरी दुनिया स्तब्ध है , हर तरफ से उनके हक में आवाज़ बुलंद हो रही है .
उनकी मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं .उनकी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सामाजिक संगठन Society for Bright Future रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए ‘Relief Foundation of Punjab’ के साथ मिलकर काम कर रहा है .
इसी क्रम में Winter Relief प्रोग्राम के तहत स्कॉलर स्कूल नई दिल्ली में कल श्रम विहार में रहने वाले 100 रोहिंग्या परिवारों को कम्बल तकसीम किया . अछे क्वालिटी का कम्बल पाकर लोग काफी खुश नज़र आये .
SBF के नेशनल कन्वीनर मुहम्मद इरफ़ान ने एशिया टाइम्स को बताया की हम बहुत पहले से रोहिंग्या मुसलमानों की मदद कर रहे हैं , UNHRC की गाइड लाइन के तहत हम उनकी मदद जो कर सकते हैं कर रहे हैं .फ़िलहाल उनके लिए हम Winter Relief पंहुचा रहे हैं .
उन्हों ने बताया की SBF हर साल विंटर रिलीफ के लिए काम करता है पिछले साल हम ने 10 प्रदेशों में 22 हज़ार लोगों को विंटर रिलीफ पहुँचाया था . इस साल 11 प्रदेशों में 30 हज़ार लोगों की मदद करने का मंसूबा है.
इसके अलावा इस साल सैलाब की तबाही में भी हम ने बड़े पैमाने पर लोगों की मदद की थी . हम समाज के सभी वर्गों की मदद करते हैं .
रिलीफ फाउंडेशन ऑफ़ पंजाब के इश्तियाक रशीद बताते हैं की पंजाब के 10 सामाजिक संगठनों ने रोहिंग्या परिवारों की मदद के लिए मिलकर काम शुरू किया था तीन दिन में हम लोगों ने लग भाग 30 लाख रुपये जमा हुए जिसे हम ने रोहिंग्या के लिए काम करने वाले संगठनो को दे दिया .
कानूनी दायरे में हम उनकी जो भी मदद सकते हैं करेंगे , हमारी कोशिश होगी की उनकी महिलाओं को सिलाई मशीन दें आमदनी का साधन मिले ताकि यह लोग अपनी ज़िन्दगी ठीक ढंग से गुज़ार सकें.
ज्ञात हो कि म्यानमार में रोहिंग्या मुसलमानों को जबरन देश से निकालने का सिलसिला अभी जरी है .बंगला देश में हजारों लोग पनाह लिए हुए हैं MSF के सर्वे के मुताबिक इस साल म्यानमार में 6 हज़ार 700 रोहिंग्या मारे जा चुके हैं .
म्यानमार में फौजी अथारिटी की तरफ से रोहिंग्या के खिलाफ क्रैक डाउन जरी है . इस साल लग भग 6 लाख 47 हज़ार रोहिंग्या बंगला देश में पनाह लेने पर मजबूर हुए हैं.
SBF के नेशनल कन्वीनर मुहम्मद इरफ़ान ने एशिया टाइम्स को बताया की हम बहुत पहले से रोहिंग्या मुसलमानों की मदद कर रहे हैं , UNHRC की गाइड लाइन के तहत हम उनकी मदद जो कर सकते हैं कर रहे हैं .फ़िलहाल उनके लिए हम Winter Relief पंहुचा रहे हैं .
उन्हों ने बताया की SBF हर साल विंटर रिलीफ के लिए काम करता है पिछले साल हम ने 10 प्रदेशों में 22 हज़ार लोगों को विंटर रिलीफ पहुँचाया था . इस साल 11 प्रदेशों में 30 हज़ार लोगों की मदद करने का मंसूबा है.
इसके अलावा इस साल सैलाब की तबाही में भी हम ने बड़े पैमाने पर लोगों की मदद की थी . हम समाज के सभी वर्गों की मदद करते हैं .
रिलीफ फाउंडेशन ऑफ़ पंजाब के इश्तियाक रशीद बताते हैं की पंजाब के 10 सामाजिक संगठनों ने रोहिंग्या परिवारों की मदद के लिए मिलकर काम शुरू किया था तीन दिन में हम लोगों ने लग भाग 30 लाख रुपये जमा हुए जिसे हम ने रोहिंग्या के लिए काम करने वाले संगठनो को दे दिया .
कानूनी दायरे में हम उनकी जो भी मदद सकते हैं करेंगे , हमारी कोशिश होगी की उनकी महिलाओं को सिलाई मशीन दें आमदनी का साधन मिले ताकि यह लोग अपनी ज़िन्दगी ठीक ढंग से गुज़ार सकें.
ज्ञात हो कि म्यानमार में रोहिंग्या मुसलमानों को जबरन देश से निकालने का सिलसिला अभी जरी है .बंगला देश में हजारों लोग पनाह लिए हुए हैं MSF के सर्वे के मुताबिक इस साल म्यानमार में 6 हज़ार 700 रोहिंग्या मारे जा चुके हैं .
म्यानमार में फौजी अथारिटी की तरफ से रोहिंग्या के खिलाफ क्रैक डाउन जरी है . इस साल लग भग 6 लाख 47 हज़ार रोहिंग्या बंगला देश में पनाह लेने पर मजबूर हुए हैं.

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