दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन शुरू होने की उम्मीद बढ़ी, महज ढाई घंटे में सफर पूरा होगा
जापान की सहायता से मुंबई-अहमदाबाद के बीच देश के पहले बुलेट ट्रेन कॉरीडोर को मंजूरी देने के बाद केंद्र सरकार अब दिल्ली-वाराणसी के बीच नए कॉरीडोर पर विचार कर रही है. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र और धार्मिक महत्व वाला शहर है. इसलिए 720 किलोमीटर लंबे इस कॉरीडोर में रेल मंत्रालय विशेष रुचि ले रहा है. इस रूट को बाद में कोलकाता तक बढ़ाए जाने की भी योजना है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से वाराणसी के बीच का सफर मौजूदा लगभग 12 घंटे से घटकर ढाई घंटे का ही रह जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित कॉरीडोर को बाद में कोलकाता तक बढ़ाया जाएगा. बुलेट ट्रेन को दिल्ली से कोलकाता की 1,513 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग पांच घंटे लगेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी तक का कॉरीडोर विकसित करने में करीब 53 हजार करोड़ रुपये का खर्च होगा जबकि इसे कोलकाता तक बढ़ाने पर 1.21 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी.
इस रिपोर्ट की मानें तो एक स्पेनिश कंपनी ने इस परियोजना की ‘फीजीबिलिटी स्टडी’ भी की है. सरकार को पेश अपनी रिपोर्ट में उसने बताया है कि इस कॉरीडोर पर सफर करने का प्रति किलोमीटर खर्च 4.5 रुपये आएगा. ऐसे में दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन से जाने पर 3,240 रुपये का खर्च आएगा. इस स्टडी में डबल डेकर बुलेट ट्रेन चलाने पर भी विचार किया गया है.

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