ध्यान चंद स्टेडियम से एशिया टाइम्स लाइव; यहां से बहुत कुछ सीखा जा सकता है
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https://youtu.be/esfnOLUNBj8
नई दिल्ली / (एशिया टाइम्स / अशरफ अली बस्तवी) दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में सजी यह महफ़िल उर्दू प्रेमियों की है, यह 'जश्न रेख़्ता' यानी 'उर्दू' का जश्न है, जिसे संजीव सर्राफ ने बड़ी खूबसूरती से सजाया है ।
युवाओं भारी की भीड़ से अनुमान लगाया जा सकता है कि नई पीढ़ी में उर्दू से प्यार समय के साथ बढ़ा है 'जश्न रेख़्ता' इसका जीवंत उदाहरण है ।
अलबत्ता चिंताजनक बात यह है कि यहां पारंपरिक उर्दू वालों की उपस्थिति चिंताजनक हद तक कम दिखी जो साल भर उर्दू की संगोष्ठी और सेमिनारों में व्यस्त रहते है।
इस अवसर पर एशिया टाइम्स ने जश्न रेख़्ता के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की , लोगों से बात की और मुस्लिम दुनिया साप्ताहिक के संपादक वरिष्ठ पत्रकार ज़ेन शमसी से दौरान जश्न एक परिचर्चा की और यह जानने की कोशिश की आखिर क्या वजह है की पारंपरिक उर्दू प्रेमी इन युवाओं को को अपने साथ लाने में विफल हैं , क्या यहां से कुछ सीखा जा सकता है?
वीडियो रिपोर्ट
अलबत्ता चिंताजनक बात यह है कि यहां पारंपरिक उर्दू वालों की उपस्थिति चिंताजनक हद तक कम दिखी जो साल भर उर्दू की संगोष्ठी और सेमिनारों में व्यस्त रहते है।
इस अवसर पर एशिया टाइम्स ने जश्न रेख़्ता के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की , लोगों से बात की और मुस्लिम दुनिया साप्ताहिक के संपादक वरिष्ठ पत्रकार ज़ेन शमसी से दौरान जश्न एक परिचर्चा की और यह जानने की कोशिश की आखिर क्या वजह है की पारंपरिक उर्दू प्रेमी इन युवाओं को को अपने साथ लाने में विफल हैं , क्या यहां से कुछ सीखा जा सकता है?
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