दिल्‍ली के बच्‍चों को मिलेगी इंटरनेशनल स्‍तर की शिक्षा, IB बोर्ड के साथ हमने किया है करार : CM केजरीवाल

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दुनियाभर के सभी बड़े स्कूल, जहां अमीरों के बच्चे पढ़ते हैं, का सपना रहता है कि हमें किसी भी तरह इंटरनेशनल बोर्ड की शिक्षा मिले .

नई दिल्ली: 

दिल्‍ली सरकार ने आज इंटरनेशनल बेकालॉरेट बोर्ड (International Baccalaureate Board या IB बोर्ड) के साथ करार किया है. आईबी बोर्ड को आगामी दिल्‍ली बोर्ड ऑफ स्‍कूल एजुकेशन (DBSE) के साथ जोड़ा जाएगा. सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज एक डिजिटल प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा,'जब हमने दिल्ली का शिक्षा बोर्ड बनाया था, तब कई लोगों ने कहा था कि जैसे अन्य राज्यों का बोर्ड है, वैसा ही आपका भी बोर्ड होगा. जैसे हर राज्य का अपना एक शिक्षा बोर्ड है, केंद्र सरकार का एक शिक्षा बोर्ड है, वैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक शिक्षा बोर्ड है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करता है और अच्छा माना जाता है .'

उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर के सभी बड़े स्कूल, जहां अमीरों के बच्चे पढ़ते हैं, का सपना रहता है कि हमें किसी भी तरह इंटरनेशनल बोर्ड की शिक्षा मिले . दिल्ली सरकार ने आज इस बोर्ड के साथ करार किया है . पूरी दुनिया में 5500 स्कूलों के साथ इसके समझौते हैं, यह 159 देशों में काम करता है. कुछ देशों की सरकारों के साथ इनके समझौते हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, स्पेन, साउथ कोरिया आदि .

सीएम ने कहा कि अब दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (DBSE) के तहत जितने भी स्कूल आएंगे, सभी स्कूलों के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी . प्राइवेट स्कूल भी इसके साथ एफिलिएट हो सकते हैं. मुख्‍यमंत्री ने बताया कि अभी हम 30 स्कूलों से इसकी शुरुआत कर रहे हैं . स्कूलों के बच्चों का एसेसमेंट इस बोर्ड की देखरेख में होगा, विदेशी एक्सपर्ट आएंगे और हर स्कूल का इंस्पेक्शन करेंगे, सर्टिफिकेशन करेंगे . हमारे देश में दो तरह की शिक्षा प्रणाली है, एक गरीबों के बच्चों के लिए और एक पैसे वालों के बच्चों के लिए.

उन्‍होंने कहा कि जब से हमारी सरकार बनी है, हमने शिक्षा का स्तर ठीक किया है. शिक्षकों की विदेशों में ट्रेनिंग कराई है, आज इस करार के बाद दिल्ली के गरीब बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी. यह बहुत बड़ी बात है जिस शिक्षा के लिए बड़े-बड़े अमीरों के बच्चे तरसते हैं वह शिक्षा हमारे गरीब बच्चों को मिलेगी. मुझे खुशी है कि एक तरफ जहां देश आजादी के 75 साल मना रहा है, वही एक बहुत बड़ी आशा की किरण दिख रही है. यह मॉडल देश को एक नई दिशा दिखाएगा और देश से गरीबी दूर होगी.

 

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