दिल्ली को केंद्र से 700MT ऑक्सीजन न मिलना मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसा: सिसोदिया

नई दिल्ली: 

कोरोना संकट के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत जारी है. इस बीच ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर शनिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और कहा कि आज दिल्ली में 700 MT ऑक्सीजन की ज़रूरत है. लेकिन आगे के लिए 976 MT ऑक्सीजन की ज़रूरत होगी. उन्होंने कहा कि 5 मई को पहली बार 730 MT और 6 मई को 577 MT, 7 मई को 487 MT ऑक्सीजन मिला है. इतने कम ऑक्सीजन पर अस्पताल में सप्लाई मैनेज करना मुश्किल है.  केंद्र सरकार से 700 MT भी नहीं मिलना मरीजों के साथ कम्प्रोमाइज करने जैसा है. सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार से अपील है कि 730 MT ऑक्सीजन दिलवाने की मदद करें. अस्पताल में कितने मरीज़ भर्ती हैं, कितनी खपत है इसका आंकलन करने के बाद ही ऑक्सीजन की डिमांड की जाती है. 

इससे पहले कोरोना (Corona) के हालात को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने कहा था कि दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन रोज़ाना की ज़रूरत है लेकिन दिल्ली को कम मिल रही थी. इसके बाद मीडिया में आ रहा था कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है और मरीजों की मौत हो सकती है. बुधवार को पहली बार 730 टन ऑक्सीजन केंद्र सरकार ने भेजी है जिसका हम तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. मैं केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं. बहुत सारी जान इसकी वजह से बच पाएंगी.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि लेकिन एक दिन 700 टन ऑक्सीजन आने से काम नहीं चलेगा. जब तक कोरोना की वेव कम नहीं हो जाती इसको लगातार रोज़ाना 700 टन बनाये रखना होगा. इसके लिए दिल्ली के लोग हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे ऋणी रहेंगे. दिल्ली के अंदर जब ऑक्सीजन की कमी हुई तो अस्पतालों ने बेड कम कर दिए. एक बहुत बड़ा अस्पताल है जिसमें 300 बेड हैं उसने 100 बेड कम कर दिए. ऐसे समय में अस्पताल अपने बेड कम कर देंगे तो इससे तो और हालत खराब हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें बहुत सारे अस्पतालों में बेड कम करने पड़े. सभी अस्पतालों से निवेदन है कि जिन्होंने अपने वेलकम किए थे वह वापस बढ़ा लें क्योंकि उम्मीद है कि हम को रोजाना 700 टन ऑक्सीजन मिलेगी. 


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