यूपी के गांव में दलित युवक की बेहरमी से पिटाई, NHRC ने UPHRC को सौंपी CJP की शिकायत

सीजेपी ने उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में जाति आधारित हिंसा के मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का रूख किया था। एनएचआरसी ने सीजेपी की शिकायत को विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग (UPHRC) ट्रांसफर कर दिया है। गांव में एक दलित युवा को 'उच्च जाति' के लोगों के द्वारा पीटा गया था। 

यह शिकायत 27 अगस्तर 2020 को दर्ज कराई गई थी जिसे 6 नवंबर  2020 को एनएचआरसी के समक्ष रखा गया। एनएचआरसी के द्वारा यह माना गया कि शिकायत के विषय को राज्य के मानवाधिकार आयोग द्वारा निपटाया जाना चाहिए। इसलिए शिकायत की स्कैन की गई कॉपी 6 नवंबर 2020 को यूपीएचआरसी को भेज दी गई है। 

यह घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के कुंवरपुर गांव में घटी थी जहां एक दलित लड़के को फोन करने पर 'उच्च जाति' के लोगों के द्वारा बेरहमी से पीटा गया था। पीड़ित विशाल 9 जुलाई को दीपू शर्मा के मोबाइल फोन पर कॉल कर पूछा कि वह बाजरे की फसल लेने कब आएगा? तब दीपू की पत्नी के द्वारा फोन कॉल का जवाब देते हुए बताया कि दीपू घर पर नहीं है और बातचीत खत्म हो गई। 

उसी रात करीब 10 बजे दीपू अपने भाइयों (मुकेश और मोहित) और दो अन्य लोगों (सचिन और प्रशांत) के साथ पीड़ित के घर आए और यह कहते हुए जातिसूचक गालियां देने लग गए कि उन्होंने दीपू की पत्नी को क्यों बुलाया और क्यों बात की थी। फिर उसे लाठी-डंडों और केबल की तारों से तब तक इतना पीटा जब तक कि उसकी चमड़ी छिल गई। दीपू और अन्य लोगों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी थी। 

चमार समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विशान ने 'उच्च जाति' के लोगों के प्राथमिकी तो दर्ज करवा ली लेकिन पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। इसके विपरीत आरोपी पुरुषों ने विशाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा ली और आरोप लगाया कि वह आरोपी की पत्नी को फोन पर अश्लील शब्द बोलता है और यहां तक की 'ऊंची जाति' के लोगों के साथ मारपीट करता है। इसको लेकर पीड़ित विशाल को गिरफ्तार भी किया गया था। 
 

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