देश में कोरोनाकाल में भी बढ़ा डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार: आईडीएसए
देश में कोरोनाकाल में भी बढ़ा डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार: आईडीएसए
चंडीगढ़ | कोरोनाकाल में देश में आर्थिक गतिविधियों के पहिये भले ही धीमे पड़ गये हैं और इस दौरान लगभग हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है लेकिन डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र ने इन विपरीत परिस्थितियों को मौके में परिवर्तित कर अपने कारोबार विस्तार का क्रम जारी रखा है।
देश में डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र की प्रमुख कम्पनियों के संगठन इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (आईडीएसए) के डायरेक्ट सेलिंग कारोबार पर कोरोनाकाल के प्रभावों को लेकर किये गये सर्वेक्षण के अनुसार इस क्षेत्र ने चालू वित्त वर्ष की प्रथम छमाही के दौरान गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 4.70 प्रतिशत की विकास दर हासिल की।
चालू वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में हालांकि यह क्षेत्र भी कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन की मार से अछूता नहीं रहा लेकिन दूसरी तिमाही ने इसने कारोबार में ऊंची छलांग लगाई और इसकी विकास दर इन तिमाहियों में क्रमश: 0.90 प्रतिशत और 9.25 प्रतिशत रही। इस दौरान लगभग 53 लाख डायरेक्ट सैलर और उपभोक्ता भी इस डायरेक्ट सैङ्क्षलग से जुड़े।
आईडीएसए की चेयरपर्सन रिनी सान्याल के अनुसार ''कोरोनाकाल में जहां अधिकतर उद्योगों और कारोबारी क्षेत्रों को मंदी की मार झेलनी पड़ी वहीं डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र चालू वित्त वर्ष की प्रथम दो तिमाहियों के दौरान अपनी बिक्री में उतरोत्तर वृद्धि दर हासिल करने सफल रहा।
इससे भी ज्यादा सुखद बात यह है कि इस दौरान अपेक्षाकृत बड़ी संख्या में डायरेक्ट सैलर इस क्षेत्र के साथ जुड़े जिन्होंने इसे पूर्णकालिक अथवा आमदनी में वृद्धि के लिये अंशकालिक कैरियर के रूप में अपनाया है''।
सर्वेक्षण के अनुसार चालू वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र का कारोबार गत वित्त वर्ष की इसी अवधि के 7200 करोड़ रूपये के मुकाबले 7500 करोड़ रूपये को पार कर गया। हालांकि लॉकडाउन प्रभावित प्रथम तिमाही में इस क्षेत्र की विकास दर धीमी रही लेकिन अनलॉक अवधि में इसने प्रभावशाली विकास दर हासिल की।
कोरोनाकाल में रोग प्रतिरोधक शक्ति, स्वास्थय और पोषण के प्रति बढ़ी जागरूकता के चलते 'वेलनेस' श्रेणी में कारोबार वर्ष 2020-21 की प्रथम छमाही में 20.45 प्रतिशत दर से बढ़ा जबकि प्रसाधन (कॉसमैटिक्स) कारोबार गत वर्ष की इसी अवधि की बिक्री के आंकड़ों के आसपास रहा। होमकेयर और घरेलू उत्पादों के कारोबार में भी चालू वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में वर्ष दर वर्ष आधार पर 15.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
उल्लेखनीय है कि भारत में डायरेक्ट सेलिंग के कुल कारोबार में वैलनेस, कॉसमैटिक्स और होमकेयर उत्पादों की लगभग 90 प्रतिशत संयुक्त हिस्सेदारी है।
सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि कोरोनाकाल में लोगों के घरों तक ही सीमित रहने और काम करने की अनिवार्यता से भी डायरेक्ट सेलिंग उत्पादों की मांग में इ•ााफा हुआ। इसके अलावा लोग कमाई के नये साधन ढूंडने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिये भी इस दौरान बड़ी संख्या में डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े।
सूचना प्रौद्योगिकी तथा वर्चुअल प्लेटफार्म भी इस दौरान कम्पनियों और डायरेक्ट सैलरों के लिये अपने कारोबार के विस्तार और अधिकाधिक ग्राहकों तक पहुंचने में प्रवाभी माध्यम सिद्ध हुये हैं।

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