कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कोरोना के टीके की मंजूरी की प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल
देश में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान आरंभ होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी की प्रकिया पर सवाल खड़े करते हुए शनिवार को दावा किया कि टीकों के आपात उपयोग की स्वीकृति देने के लिए कोई नीतिगत ढांचा नहीं है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘टीकाकरण आरंभ हो गया है और यह अजोबो-गरीब है कि भारत के पास आपात उपयोग को अधिकृत करने का कोई नीतिगत ढांचा नहीं है। फिर भी दो टीकों के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी गई।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘कोवैक्सीन की अलग ही कहानी है। इसे उचित प्रक्रिया के बिना अनुमति दी गई।’’
मनीष तिवारी ने कोरोना वैक्सीनेशन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार के मंत्रियों ने कोरोना वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई, जबकि विदेशों में सबसे पहले राष्ट्र प्रमुखों ने ही कोरोना का टीका लगवाया है। मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार के किसी मंत्री ने टीका नहीं लगवाया। मंत्रियों को सामने आकर टीका लगवाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दुनिया के सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि वैक्सीन बहुत ही कम समय में आ गई है। दिल्ली स्थित एम्स में सफाई कर्मी को कोरोना का पहला वैक्सीन लगाया गया। इसके कुछ ही मिनटों बाद AIIMS के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी कोविड वैक्सीन की पहली डोज ली है।
बता दें कि, पहले चरण के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसके लिए कुल 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन तीन लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को कोविड-19 के टीके की खुराक दी जाएगी। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ शुरू हो रहे इस अभियान के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन देशभर में पहुंच चुकी हैं।

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