बिहार चुनाव: भागलपुर में दिव्यांग और बुजुर्ग समेत 6 हजार लोगों को शांति भंग होने का नोटिस

 

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस जिलेभर में निरोधात्मक कार्रवाई कर रही है। जिनपर पहले से केस हो, चार्जशीटेड हो या जिनसे शांति भंग होने का खतरा हो उन लोगों को चिह्नित कर 107 के तहत नोटिस भेजा जा रहा है। 116 के तहत उनसे बांड भी भराया जा रहा है। इसमें भी पुलिस की लापरवाही सामने आयी है। जिन बुद्धिजीवियों को थाना स्तर पर पुलिस ने शांति समिति का सदस्य बना रखा है, उन्हें भी उपद्रवी मानकर 107 का नोटिस भेजा जा रहा है। 


पुलिस के साथ खड़े रहते हैं, फिर भी भेज दिया नोटिस 

 
कोतवाली इलाके में जब भी शांति भंग होती है, लॉ एंड ऑर्डर की समस्या होती है तो अन्य बुद्धिजीवियों के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र के चुनिहारी टोला के रहने वाले पवन खेतान उर्फ मुन्ना गांधी पुलिस के साथ खड़े होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि थाना स्तर पर बनाई गयी शांति समिति के वे भी सदस्य हैं। वे दिव्यांग भी हैं। हाल ही में जब उन्हें 107 का नोटिस मिला तो दुखी होकर थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष से शिकायत करते हुए कहा कि वे हमेशा शांति व्यवस्था बनाये रखने को पुलिस का साथ देते हैं, उन्हें क्यों नोटिस भेजा गया। उनके साथ शिकायत करने मोंटी जोशी भी पहुंचे थे।
 
इतना ही नहीं, कोतवाली थाना क्षेत्र में ही बुजुर्ग रतन, छोटी सी गुमटी पर टॉफी और बिस्कुट बेचने वाले सोनू आदि को भी 107 और 116 का नोटिस भेजा गया है। बरारी, तिलकामांझी, मोजाहिदपुर, तातारपुर, हबीबपुर, सबौर आदि थाना क्षेत्रों में निरोधात्मक कार्रवाई में पुलिस की लापरवाही सामने आयी है। 

पिछले चुनाव में मिली थी इस तरह की शिकायत

 
भागलपुर। चुनाव या पर्व त्योहार के समय निरोधात्मक कार्रवाई में थाना स्तर पर लापरवाही पहले भी सामने आती रही है। पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी कई थाना क्षेत्रों से इस तरह की शिकायत मिली थी कि शांति समिति के सदस्यों और अन्य बुद्धिजीवियो पर निरोधात्मक कार्रवाई हुई है। शिकायत तत्कालीन डीआईजी विकास वैभव के पास पहुंची तो उन्होंने एसएसपी और संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश देकर उसे सही कराने को कहा था। 

निरोधात्मक कार्रवाई में लापरवाही की गयी है तो इसकी जांच कराई जायेगी और तैयार की गई लिस्ट को सही कराया जायेगा, ताकि आगे से इस तरह की बात सामने नहीं आये। - एसके सरोज, एसपी सिटी  

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