भारत ने कहा- उम्मीद है पाकिस्तान की नई सरकार आतंक को खत्म कर दक्षिण एशिया को सुरक्षित बनाएगी
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नई दिल्ली. पाकिस्तान चुनाव पर भारत ने पहली बार बयान दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि पाक की नई सरकार दक्षिण एशिया को सुरक्षित, स्थिर, आतंक और हिंसा मुक्त बनाने की दिशा में रचनात्मक काम करेगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शनिवार शाम को कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ शांत, समृद्ध और प्रगतिशील पाकिस्तान चाहता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने चुनाव के जरिए लोकतंत्र में अपनी आस्था दिखाई है, जिसका भारत स्वागत करता है। पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उनका प्रधानमंत्री बनना तय है।
इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) को 116, नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) को 64 और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 43 सीटें मिली हैं।
'इमरान के दोस्ती के प्रस्ताव को स्वीकारें मोदी' : दैनिक भास्कर के अनुसार जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान के संभावित प्रधानमंत्री इमरान खान के दोस्ती के प्रस्ताव को स्वीकार करने की अपील की है। महबूबा ने पीडीपी के 19वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा, "पड़ोसी देश में एक नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार गठित होने जा रही है। उन्होंने भारत से दोस्ती की पेशकश की है। मैं मोदी से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की अपील करती हूं।" वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ती इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है। कश्मीर के राजनीतिक मसले के समाधान के लिए भी यह जरूरी है।
पाक की भारत नीति में ज्यादा बदलाव नहीं होगा : पूर्व राजनयिक और पाक में भारत के हाईकमिश्नर रहे जी पार्थसारथी के मुताबिक, "इमरान खान को आर्मी सपोर्ट कर रही है। ऐसी स्थिति में वे वही भाषा बोलेंगे जो आर्मी कहेगी।'' पूर्व आर्मी चीफ जनरल दीपक कपूर के मुताबिक, "इमरान की लीडरशिप में भी पाक भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) जारी रखेगा। जम्मू-कश्मीर में गड़बड़ियां जारी रहेंगी क्योंकि इमरान को पाक मिलिट्री का समर्थन हासिल है।'' गुरुवार को इमरान ने कहा था, "पाकिस्तान, भारत के साथ रिश्ते बेहतर करना चाहता है। उनकी सरकार चाहती है कि दोनों तरफ के नेता कश्मीर मसले समेत सभी विवादों को हल करने के लिए बात करें। अगर वे (भारत) हमारी तरफ एक कदम बढ़ाएंगे तो हम दो कदम चलेंगे।''

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