बाबरी मस्जिद विवाद : मध्यस्थ नियुक्त किया जाए या नहीं 6 मार्च को फैसला

अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट  इस मामले में 6 मार्च को सुनवाई करेगा। कोर्ट आदेश जारी करेगा कि केस को समय बचाने की खातिर कोर्ट की निगरानी में मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा या नहीं।

अयोध्या मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की महत्वपूर्ण बातें:

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या मामले में हम मंगलवार को सुनवाई करेंगे और मामले में मध्यस्थ नियुक्त करने पर विचार करेंगे, तब तक आप लोग सबूतों पर विचार करें। - धवन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया, कहा कि पहले भी मध्यस्थता का प्रयास हुआ था, लेकिन विफल रहा। - अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय का सुझाव दिया कि यदि एक प्रतिशत भी संभवना है तो मध्यस्थता की जानी चाहिए।

- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या सभी पक्ष भूमि विवाद को सुलझाने के लिये मध्यस्थता की संभावना तलाश सकते हैं। - मुख्य न्यायाधीश ने मुस्लिम पक्षों से पूछा कि उन्हें अनुवादों को परखने के लिये कितना समय चाहिये, इसपर धवन ने आठ से 12 सप्ताह का समय मांगा। - राम लला की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी. एस. वैद्यनाथन ने कहा कि दिसंबर 2017 में सभी पक्षों ने अनुवादों का सत्यापन कर उन्हें स्वीकार किया था।

- उत्तर प्रदेश सरकार के अनुवाद की जांच के लिये आदेश दिये गये थे और अब दो साल बाद इसपर आपत्ति की जा रही है : वैद्यनाथन। - यदि दस्तावेजों के अनुवाद पर विवाद जारी रहा तो हम इस पर अपना समय बर्बाद नहीं करने जा रहे : मुख्य न्यायाधीश । - अयोध्या मामले पर कोर्ट ने कहा, यदि अभी सभी पक्षों को दस्तावेजों का अनुवाद स्वीकार्य है तो वह सुनवाई शुरू होने के बाद उसपर सवाल नहीं उठा सकेंगे।

 

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