बाबरी मस्जिद विवाद : जाने 12 वें दिन की सुनवाई में क्या हुआ

निर्मोही अखाड़ा के वकील सुशील कुमार जैन ने निचली अदालत में हुए गवाहों के बयान को सुप्रीम कोर्ट के सामने रख और बताया कि गोपाल सिंह विशारद के बयान का बयान को क्रोस एग्जामिन नही किया गया निर्मोही अखाड़ा के वकील ने कहा कि मेरे शेबेट होने के वजह से मेरे पास पूजा और रखरखाव के अधिकार को किसी ने भी चेलेंज नही किया तो अब कैसे वह मेरे अधिकार को चुनौती दे सकते है जस्टिस बोबडे ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि तो आप इस याचिका से क्या चाहते है? निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि हम रखरखाव और ज़मीन का अधिकार चाहते हैं, पूजा हमारे द्वारा ही कराई जाती है,यह गतिविधियां शेबेट की हैं और मुझे इनका पालन करना है। जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या अखाड़ा ने सभी साधु संगठन अपने नाम के साथ दास लगते है? निर्मोही अखाड़ा के वकील सुशील कुमार जैन कहा कि वह भगवान राम के दास हैं और इसलिए उन्होंने अपने नामों में दास जोड़े हैं, कुछ लोग अपने नाम के आगे चरण भी लगते है। जस्टिस चन्द्रचूड़ ने कहा कि अखाड़ा के शेबेट होने पर कोई विबाद नही है, निर्मोही अखाड़ा अभी राम जन्मभूमि के प्रतिनिधि के तौर पर है? जस्टिस बोबडे ने कहा कि अगर रामलला की याचिका निरस्त हो जाती है तो आप किसी के शेबेट होंगे? जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ ने कहा कि अगर रामलला की याचिका खारिज हो गई तो आप मस्जिद के शेबेट नही हो सकते, आपको रामलला की याचिका के विरोध की ज़रूरत नही है निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि अगर सूट खारिज किया जाता है तो मुझे कब्ज़ा सौंप दिया जाएगा CJI रंजन गोगोई ने निर्मोही अखाड़ा से कहा कि आप इस मामले में नोट बनाइये और कल जिरह करें

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