Aus vs Ind 4Th Test: वॉशिंगटन सुंदर की पारी से करोड़ों फैन हुए खुश, लेकिन पिता एम. सुंदर नहीं

नई दिल्ली: ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी चौथे टेस्ट के तीसरे दिन के खेल के बाद जहां करोड़ों भारतीय प्रशंसक बहुत ही खुश हैं कि  वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) ने बहुत ही शानदार पारी, लेकिन इसके उलट इस युवा ऑलराउंडर के पिता निराश हैं. वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) ने रविवार को मुकाबले के तीसरे दिन (Day 3) 62 रन की पारी खेल और शार्दूल ठाकुर (Shardul Thakur) के साथ सातवें विकेट के लिए 123 रन ही अहम निभायी.

इस प्रदर्शन ने उन्हें और ठाकुर को भारतीय फैंस का हीरो बना दिया क्योंकि इनकी पारी ऐसे समय आयी, जब भारत अपने ज्यादातर मुख्य खिलाड़ियों के बिना मैच और सीरीज बचाने के लिए खेल रहा है. और तमाम मेजबान दिग्गजों और ऑस्ट्रेलिया मीडिया ने टीम रहाणे को मैच शुरू होने से पहले ही खारिज कर दिया.

बहरहाल, वॉशिंगटन के पिता एम. सुंदर ने एक निजी एजेंसी से बातचीत में कहा कि मैं निराश हूं कि सुंदर अपनी पारी को शतक में तब्दील नहीं कर सका.  जब सिराज  बल्लेबाजी के लिए आया, तो उसे बाउंड्रियों के जरिए रन बटोरने चाहिए थे और वह ऐसा करने में सक्षम है. सुंदर को बडे़ शॉटों के लिए जाना चाहिए था. वह पुल शॉट और बड़े स्ट्रोक लगा सकता था. शायद उसने ऑस्ट्रेलिया के स्कोर के नजदीक पहुंचने के नजदीक पहुंचने की कोशिश करने के बारे में सोचा. उन्होंने कहा कि मैंने सुंदर से शनिवार को बात की थी. मैं प्रत्येक दिन उससे बात करता हूं. मैंने पूर्व संध्या पर सुंदर से कहा कि जब भी तुम्हें मौका मिले, तो तुम्हें बड़ा स्कोर बनाना चाहिए. 

और इसी वजह से एम. सुंदर निराश हैं क्योंकि वह जानते हैं कि उनका बेटे में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज की योग्यता है. हालांकि, वॉशिंगटन को बतौर ऑलराउंडर और निचले क्रम के बल्लेबाज के रूप में जगह दी गयी है. वॉशिंगटन ने केवल 12 प्रथण श्रेणी मैच खेले हैं, लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला है, तो सुंदर ने बेहतर किया है. बता दें कि सा 2016-17 में सुंदर ने लाहली में तमिलनाडू के खिलाफ अभिनव मुकुंद के साथ पारी की शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी की थी.  

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