Aus vs Ind 4Th Test: इस वजह से मोहम्मद सिराज ने भारतीय बल्लेबाजों को चेताया, बोले कि आखिरी दिन...

ब्रिस्बेन: गाबा में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे दिन (4Th Day) पांच विकेट लेने वाले मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) ने आखिरी दिन के लिए भारतीय बल्लेबाजों को चेताया है. अपने टेस्ट करियर में पहली बार पारी में पांच विकेट लेने के बाद मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) भावुक हो गये और उनके लिये अपनी भावनाएं व्यक्त करना आसान नहीं रहा लेकिन इस तेज गेंदबाज ने सोमवार को यहां भारतीय बल्लेबाजों को गाबा के विकेट को लेकर सतर्क किया, जिसमें हल्की दरारें पड़ चुकी हैं.

 सिराज ने चौथे टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 73 रन देकर पांच विकेट लिये. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 294 रन बनाकर भारत के सामने 328 रन का लक्ष्य रखा है. सिराज (Mohammed Siraj) को लगता है कि पिच में कुछ ऐसी खुरदुरी जगह बन गयी हैं, जहां से असमान उछाल मिल सकती है.

 

सिराज ने शार्ट पिच गेंद पर स्टीव स्मिथ का विकेट लिया जो मार्नस लाबुशेन के साथ इस श्रृंखला में उनका पसंदीदा विकेट है. उन्होंने कहा, ‘पूरी श्रृंखला में मुझे लगता है कि यह स्टीव स्मिथ का विकेट होगा. कुछ क्षेत्रों से अतिरिक्त उछाल मिल रही थी और मुझे लगा कि इससे मुझे सफलता मिल सकती है. वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं और उनका विकेट लेने से मेरा काफी आत्मविश्वास बढ़ा है. इसके अलावा मार्नस (लबुशेन) के विकेट से भी मेरा मनोबल बढ़ा.'

सिराज ने लगातार सहयोग, समर्थन और मनोबल बढ़ाने के लिये कप्तान अजिंक्य रहाणे का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा जिस तरह से युवाओं को मौके मिले फिर चाहे वह नटराजन हो या वॉशिंगटन,त इन सभी ने इनका फायदा उठाया. सभी ने अपनी तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया. मैं विशेष तौर पर युवाओं पर भरोसा दिखाने और मेरा मनोबल बढ़ाने के लिये अजिंक्य रहाणे का आभार व्यक्त करता हूं. वह मुझसे हर समय बात करते रहे और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा.'सिराज के लिये पिछले दो महीने मुश्किल भरे भी रहे. उनके पिताजी का निधन हो गया और वह उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं जा पाये लेकिन उनकी कड़ी मेहनत आखिर में रंग लायी.

उन्होंने कहा, ‘मेरे अब्बू चाहते थे कि मेरा बेटा देश की तरफ से खेले और पूरा विश्व उसे खेलते हुए देखे. काश वह आज का दिन देखने के लिये जीवित होते. यह उनकी दुआओं का ही परिणाम है कि मैंने पांच विकेट लिये. मैं निशब्द हूं और अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं. यह मुश्किल स्थिति थी. अब्बू के निधन के बाद मां से बात करने पर मुझे ताकत मिली और मैंने अपना ध्यान अब्बू का सपना पूरा करने पर लगा दिया.'सिराज को इस मैच से पहले केवल दो टेस्ट मैचों का अनुभव था, लेकिन उन्होंने सीनियर गेंदबाजों की अनुपस्थिति में आक्रमण की अगुवाई की. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को सीनियर गेंदबाज नहीं मानता लेकिन मैंने घरेलू स्तर और भारत ए की तरफ से काफी क्रिकेट खेली है और इससे मुझे मदद मिली। मुझे जस्सी भाई (जसप्रीत बुमराह) की कमी खली और इसलिए मैंने अधिक जिम्मेदारी ली तथा दबाव बनाया.'

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