अन्ना हजारे 30 जनवरी से भूख हड़ताल पर

नई दिल्ली : समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर अनशन करने जा रहे हैं। अन्ना हजारे लोकपाल की मांग को लेकर अपने गांव रालेगण सिद्धि में 30 जनवरी से भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं। आपको बता दें कि अन्ना हजारे लोकपाल और लोकायुक्त ऐक्ट, 2013 को लागू न करने की वजह से केंद्र सरकार से नाराज हैं। इससे पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से अपनी नाराजगी जता चुके हैं। अन्ना हजारे ने पत्र में उन्होंने लिखा था कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले कहा कि लोकसभा में विपक्ष में कोई वरिष्ठ नेता ना होने के कारण लोकपाल नियुक्त नहीं किया जा सकता और बाद में कहा कि चयन समिति में कोई प्रतिष्ठित न्यायवादी नहीं है। इस सिलसिले में अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र सरकार ने साल 2014 में लोकपाल और लोकायुक्त कानून को लागू करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक यह हो नहीं पाया। अन्ना हजारे ने 2 अक्टूबर को अपने गांव रालेगण सिद्धि से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं से लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण होने की बात कहने पर अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। पिछले साल अक्टूबर में अन्ना ने कहा था कि मोदी सरकार लोगों को धोखा दे रही है। एक नागरिक प्रधानमंत्री पर किस तरह विश्वास करेगा। उन्होंने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत एशिया में भ्रष्ट देशों की लिस्ट में ऊपर है। अब मेरा पीएम के वादों से विश्वास उठ गया है, मैं उन्हें पत्र लिखता रहा और वादों की याद दिलाता रहा। अन्ना ने इसके साथ ही भूख हड़ताल का भी ऐलान किया था। इस आरोप के थोड़े दिन बाद अन्ना ने अपने भूख हड़ताल को रद्द कर दिया था। उनका कहना था कि मोदी सरकार ने लोकपाल को लागू करने की तरफ पॉजिटिव अप्रोच के साथ काम किया है, मोदी इसके लिए सर्च कमेटी भी बनाई है।

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