अनाथ बच्चों के आरक्षण की मांग की अर्ज़ी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल
अनाथ बच्चों को एससी, एसटी, ओबीसी की तरह ही नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण की मांग की अर्ज़ी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। अर्ज़ी पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्ज़ी में मांग की गई कि सरकार माता-पिता के साथ रहने वाले एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और दूसरे वर्ग के बच्चों को बहुत सी योजनाओं में मदद और लाभ देती है। वैसी ही मदद और लाभ अनाथ और बेसहारा बच्चों को भी मिलना चाहिए। उन्हें भी उच्च शिक्षा के लिए कर्ज, दसवीं और बारहवीं के बच्चों को छात्रवृत्ति आदि की सुविधाएं दी जानी चाहिए। अनाथ बच्चे सबसे ज्यादा मजबूर, कमजोर और जरूरतमंद होते हैं, लेकिन सरकार का ध्यान उनकी ओर नहीं है।
याचिकाकर्ता और वकील पौलोमी पावनी शुक्ला नेे अर्ज़ी कहा कि देश में करीब 2 करोड़ बच्चे अनाथ हैं। अनाथ बच्चों की स्थिति और संख्या जानने के लिए अभी तक सरकार ने कोई आधिकारिक सर्वे नहीं किया है।

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