कोरोना के दौर में अदरक का इस्तेमाल, भाव गिरने से किसान हैं परेशान
कोरोना के दौर में अदरक का इस्तेमाल, भाव गिरने से किसान हैं परेशान
नाहन | हिमाचल प्रदेश में अदरक का गढ़ माने जाने वाले जिला सिरमौर जिले में अदरक के दामों में भारी गिरावट आने से उत्पादक परेशान हैं।
पिछले सप्ताह में अदरक के दाम 20 रुपए से गिरकर 10 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। अदरक के दामों में लगातार आ रही गिरावट के चलते किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। किसानों को कोरोना महामारी के इस दौर में फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी तो वहीं किसानों की इस उम्मीद पर पानी फिर गया है।

जिला सिरमौर के रेणुका क्षेत्र में 1600 हेक्टेयर भूमि पर अदरक की फसल उगाई जाती है। इस बार अदरक के दाम गिरने के कारण किसानों के चेहरे पर ङ्क्षचता की लकीरें ङ्क्षखच गई है।
किसान अदरक को बेचने के बजाय अब स्टोर करना ही उचित समझ रहे हैं। गत वर्ष जहां अदरक इन दिनों 50 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा था तो वहीं इन दिनों स्थानीय मंडियों में 10 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में किसानों की ङ्क्षचता और मायूसी जायज है।
अदरक के फायदे
1- अदरक कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम
आधुनिक शोधों में अदरक को विभिन्न प्रकार के कैंसर में एक लाभदायक औषधि के रूप में देखा जा रहा है और इसके कुछ आशाजनक नतीजे सामने आए हैं।
मिशिगन यूनिवर्सिटी कांप्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के एक अध्ययन में पाया गया कि अदरक ने न सिर्फ ओवरी कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया, बल्कि उन्हें कीमोथैरेपी से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने से भी रोका जो कि ओवरी के कैंसर में एक आम समस्या होती है।
आधुनिक विज्ञान प्रमाणित करता है कि अदरक कोलोन में सूजन को भी कम कर सकता है जिससे कोलोन कैंसर को रोकने में मदद मिलती है। मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 30 मरीजों के एक समूह को 28 दिनों में दो ग्राम अदरक की जड़ के सप्लीमेंट या प्लेसबो दिए।
28 दिनों के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन मरीजों ने अदरक की जड़ का सेवन किया था, उनमें कोलोन की सूजन के चिह्नों में काफी कमी पाई गई। इससे यह कोलोन कैंसर के रिस्क वाले लोगों में एक कारगर प्राकृतिक बचाव विधि हो सकती है।
कई और तरह के कैंसर, जैसे गुदा कैंसर, लिवर कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, मेलानोमा और पैंक्रियाज के कैंसर को रोकने में अदरक के तत्वों की क्षमता पर भी अध्ययन किए गए हैं। यह एक दिलचस्प बात है कि एक कैंसर रोधी दवा बीटा-एलिमेन अदरक से बनाई जाती है।
2- अदरक मधुमेह में लाभदायक तत्व
मधुमेह के मामले में अध्ययनों ने अदरक को इसके बचाव और उपचार दोनों में असरकारी माना है।
ऑस्ट्रेलिया में सिडनी यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में अदरक को टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए असरदार पाया गया। अदरक के तत्व इंसुलिन के प्रयोग के बिना ग्लूकोज को स्नायु कोशिकाओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया बढ़ा सकते हैं। इस तरह इससे उच्च रक्त शर्करा स्तर (हाई सुगर लेवल) को काबू में करने में मदद मिल सकती है।

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