प्रमोद कृष्णम 6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित:कहा- क्या कांग्रेस में रहने के लिए चमचागिरी जरूरी है, राम और राष्ट्र से समझौता नहीं
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के नेता और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार (10 फरवरी) को एक बयान जारी इसकी जानकारी दी।
वेणुगोपाल ने कहा कि अनुशासनहीनता और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयान देने की शिकायतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
पार्टी से निष्कासन के बाद प्रमोद कृष्णम ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा- मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया। क्या कांग्रेस में रहने का मतलब है कि हमें चमचागिरी करना और झूठ बोलना जरूरी है।
हाल ही में प्रमोद कृष्णम ने अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की जमकर तारीफ की थी। वे 22 जनवरी को अयोध्या भी गए थे। उन्होंने इस कार्यक्रम में भाग न लेने पर कांग्रेस की आलोचना की थी।
प्रमोद कृष्णम को कांग्रेस से निष्कासित करने का आदेश केसी वेणुगोपाल ने जारी किया

प्रमोद कृष्णम ने निष्कासन के बाद और क्या कहा...
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पूछा कि केसी वेणुगोपाल या मल्लिकार्जुन खड़गे ये बताएं कि ऐसी कौन सी गतिविधिया हैं जो पार्टी के विरोध में थीं। क्या राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण स्वीकारना, वहां जाना, श्री कल्कि धाम का शिलान्यास कराना, नरेंद्र मोदी से मिलना, सनातन की बात करना पार्टी विरोधी है?
उन्होंने आगे कहा- सवाल मेरे निष्कासन का नहीं। सवाल ये है कि जो महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और इंदिरा गांधी की कांग्रेस थी, आज उस कांग्रेस को किस रास्ते पर लाकर खड़ा किया गया है। क्या कांग्रेस में रहने का मतलब है कि हमें चमचागिरी करना और झूठ बोलना जरूरी है।
क्या कांग्रेस में सिर्फ वो रह सकते हैं जो राम का अपमान करें? प्रमोद कृष्णम ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस में सिर्फ वो रह सकते हैं जो राम का अपमान करें। हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाएं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता है। निष्कासन बहुत छोटी चीज है।
हम अपने प्राणों को भी न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं। लेकिन राष्ट्रीय अस्तित्व, अस्मिता और सनातन पर कोई आंच नहीं आने देंगे। मेरी प्रबल इच्छा है कि भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास दिया गया था तो एक रामभक्त को 6 साल के लिए क्यों निकाला जा रहा है। इसको 14 साल कर दिया जाए।
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मैंने राजीव गांधी से वादा किया था कि आखिरी सांस तक कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। हमने इस वादे को निभाया। बहुत से मोड़ आए। बहुत से बातें आई, पार्टी के ऐसे फैसले थे जिनसे सहमत नहीं था। मुझे अपमानित किया गया। अपमान के घूंट पीए। लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी।

कौन हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम?
आचार्य प्रमोद कृष्णम का जन्म 4 जनवरी 1965 को संभल के गांव एंचोड़ा कम्बोह में हुआ था। वह ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं। प्रमोद कृष्णम की गिनती यूपी में कांग्रेस के बड़े नेताओं में होती है। वह दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं।
2014 में संभल और 2019 में लखनऊ से उन्होंने चुनाव लड़ा था। हालांकि, दोनों बार हार गए। कहा जाता है कि राम मंदिर निर्माण के सपोर्ट में प्रमोद कृष्णम ही कांग्रेस में सबसे आगे रहे। राजनीति से ज्यादा प्रमोद कृष्णम की यूपी के संभल में श्री कल्कि धाम को लेकर चर्चा होती है, जो इन्होंने अपने गांव में बनाया है।
कल्कि धाम निर्माण के लिए जमीन कब्जाने का आरोप
कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अमित उठवाल ने 10 फरवरी को ही प्रमोद कृष्णम पर कल्कि धाम निर्माण के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। अमित उठवाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी से लेकर कमिश्नर-डीएम तक को ईमेल और रजिस्टर्ड डाक के जरिए प्रमोद कृष्णम के खिलाफ सबूत भेजे हैं।
अमित उठवाल ने दावा किया कि प्रमोद कृष्णम पिछले 40 साल से कल्कि धाम के नाम पर जमीन पर कब्जा करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे हैं। एक बार उन्होंने इस जमीन पर स्कूल के नाम की फर्जी एंट्री करा दी थी। वर्तमान में भी इस जमीन पर हवन कुंड बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है।

2 फरवरी को PM मोदी से की थी मुलाकात
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की थी। उन्होंने 19 फरवरी को PM मोदी को कल्कि धाम के शिलान्यास कार्यक्रम में आने का न्योता दिया था। प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोदी के साथ अपनी फोटो शेयर की थी।
इसके बाद वे 6 फरवरी को CM योगी से मिले और उन्हें भी कल्कि धाम आने का न्योता दिया। प्रमोद ने कहा- भगवान राम सबके हैं, मैं भगवान राम का हूं। मैं सभी को कल्कि धाम आने का निमंत्रण दे रहा हूं। मैंने यह न्योता राहुल गांधी और सोनिया गांधी को भी दिया है, अब वो आएं या न आएं उनकी मर्जी।

कांग्रेस UP कमेटी ने प्रस्ताव भेजा, AICC ने दी मंजूरी
प्रमोद कृष्णम को पार्टी से बाहर निकालने के लिए यूपी कांग्रेस कमेटी ने एक प्रस्ताव शीर्ष नेतृत्व को भेजा था। रविवार रात AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा- 'अनुशासनहीनता की शिकायतों और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाजी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।'
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