किसानों के समर्थन में 12 लाख की नौकरी छोड़ रक्षित सिंह ने मीडिया को एक्सपोज कर दिया

किसान आंदोलन के समर्थन में रीढ़ की हड्डी वाले पत्रकार खुलकर सामने आ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि मेनस्ट्रीम मीडिया में काम करने वाला हर पत्रकार ही गोदी में बैठने के समर्थन में हो। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पत्रकारिता की मर्यादा रखते हुए अपनी जॉब छोड़ रहे हैं। एबीपी न्यूज के सीनियर रिपोर्टर रक्षित सिंह ऐसे ही पत्रकारों की लिस्ट में आ गए हैं जिन्होंने पत्रकारिता के लिए व किसानों के समर्थन में अपनी नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने खुद ही बताया है कि वे 12 लाख सालाना कमाते थे। 

रक्षित मेरठ की किसान महापंचायत कवर करने पहुंचे थे। उन्होंने मंच से कहा कि मैं पिछले 15 सालों से पत्रकारिता कर रहा हूं। मैंने यह पत्रकारिता इसलिए चुनी क्योंकि मुझे सच दिखाना था, लेकिन मुझे सच नहीं दिखाने दिया जा रहा। लात मारता हूं मैं ऐसी नौकरी को।

रक्षित ने मंच से कहा कि ये करने के बाद मुझपर मुकदमें दर्ज किए जाएंगे। अगर सच दिखाना बंद कर देते हैं तो ये भी झूठ है। और इस झूठ के मैं खिलाफ हूं। उन्होंने कहा कि जब मेरा बच्चा मुझसे पुछेगा कि बापु जब देश में अघोषित इमरजेंसी लगी थी तब आप कहां थे तो मैं कहूंगा सीना ठोक के मैं किसानों के साथ खड़ा था।  

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