लक्षद्वीप को विवादों में रखना सरकार का मास्टर स्ट्रोक है? हंसराज ने प्रफुल्ल पटेल को जेल में डालने की मांग करते हुए लगाए संगीन आरोप

हंसराज मीणा (Writer, blogger & Socio- Political Activist with Principle of secularism, Equality, Humanity & Justice. A tribal, Son Of Farmer. Founder of @TribalArmy) ने ट्वीट कर के लक्षद्वीप के एडमिनिस्ट्रेटर प्रफुल्ल पटेल पर हमला बोला है. उन्हों ने उनकी गिरफ्तारी और जेल में डाले जाने की मांग करते हुए उन पर संगीन आरोप लगाये हैं.

उधर पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है. राहुल गाँधी से लेकर विपक्ष के दुसरे नेता सरकार को लगातार निशाने पर ले रहे हैं और सरकार से प्रफुल्ल पटेल के तुगलकी फरमान को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. कुछ लोग इस को सरकार का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं. उन का मानना है कि यह मामला मुसलमानों से जुड़ा है, इस लिए सरकार को यह और भी सूट करता है. उन का कहना है कि कोरोना और मौतों को लेकर के विवादों में घिरी सरकार इस मुद्दे को और आगे ले जाना चाहती है ताकि असली मुद्दे से लोगों का ध्यान भटक जाये.

 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले पर लक्षद्वीप के पूर्व सांसद हमदुल्लाह सईद ने कांग्रेस के लक्षद्वीप के प्रभारी श्री तारिक़ अनवर से भी बात की है. ज्ञात रहे की इस वक़्त लक्षद्वीप से एनसीपी नेता फैज़ल सांसद हैं और वह दूसरी बार जीत कर सांसद पहुंचे हैं.

 

 

वहीं हंसराज ने ट्वीट कर के लिखा है " आदिवासी सांसद मोहन डेलकर मौत मामले में प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। यह वही शख्स है जिन्हें लक्षद्वीप में एडमिनिस्ट्रेटर बनाकर भेजा। उसके बाद उन्होंने वहाँ तुगलकी फरमान जारी किया, जिसका कड़ा विरोध हो रहा है। इसे बर्खास्त करके जेल में डाला जाए। #TogetherWithLakshadweep

 

उन्हों ने अपने ट्वीट में आगे कहा है कि "लक्ष्यद्वीप में 99% मुस्लिम, आदिवासी आबादी को गुलाम बनाने, आजीविका व संस्कृति को खत्म करने और प्राकृतिक सौंदर्य को तबाह करने वाला तुगलकी फरमान जारी हुआ है। मैं इस साज़िश का कड़ा विरोध दर्ज करता हूँ। लक्ष्यद्वीप एडमिनिस्ट्रेटर प्रफुल्ल पटेल को तत्काल हटाया जाए। #LetLiveLakshadweep

 

 

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