शोहरतगढ़ के शिवपति इण्टर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह

शिवपति इंटर कॉलेज में आयोजित रजत जयंती समारोह के दौरान 1995 बैच के पुरातन छात्रों में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल

 

   
सग़ीर ए खाकसार
शोहरतगढ़ 26 दिसम्बर। भारत नेपाल सीमा के नगर पंचायत शोहरतगढ़ के शिवपति इंटर कॉलेज में 1995 बैच के पुरातन छात्रों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रजत जयंती  समारोह के दूसरे दिन शनिवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल  ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शोहरतगढ़ की धरती से चन्दन की खुशबू बनकर देश विदेश में रोशन कर रहे यहाँ के पुरातन छात्र और तरक्की कर राष्ट्र व समाज मे बेहतर निभाकर देश के अच्छे नागरिक का परिचय दे रहे हैं। छात्र जीवन को व्यक्ति कभी भूल नहीं सकता। शिव पति इंटर कालेज ने छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अधिवक्ता, किसान और संत बनाने का काम किया है।

इस प्रकार के रजत जयंती समारोह का आयोजन शिवपति इंटर कॉलेज के इतिहास में एक और कड़ी को जन्म दिया है, इसे कायम रखना हर छात्र व विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों में लोग एक दूसरे से मिलकर पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं।

जीवन के किस मोड़ पर कहां मुलाकात हो ,इस लिए एक दूसरे से भाई चारगी के साथ मिलें और एक दूसरे के सुख दुख में शामिल हो, इस जयंती अवसर पर संकल्पित होने की जरूरत है।

उपजिलाधिकारी शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि ये क्षण काफी गौरवपूर्ण है। गांव की मिट्टी की पहचान को संजोने में जीवन का आनन्द और बेहतर होगा ज्वाइन्ट कमिश्नर सिलीगुड़ी अतुल कुमार पांडेय ने आयोजित कार्यक्रम की सराहना कर अगले वर्ष इस प्रकार आयोजन कराने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम आयोजक धीरेंद्र वशिष्ट जी महाराज ने सभी पुरातन छात्रों को एक साथ आपसी मेल भाव को कायम रखने और एक दूसरे को समय पर सहयोग प्रदान करने का संकल्प दिलाया। पुरातन छात्र कमलेश मिश्रा, अनिल पाठक, मधुर श्याम, सत्येंद्र गुप्ता ,रामसेवक गुप्ता ,महेश त्रिपाठी, सगीर खाकसार,मुस्तन शेरुल्लाह आदि लोगों ने रजत जयंती समारोह के दौरान अपने पुराने क्षणों को याद करते हुए लोगों के बीच जानकारी और आपबीती को साझा किया ।आयोजक धीरेंद्र नाथ धीरेंद्र मिश्र वशिष्ठ जी महाराज द्वारा रामचरितमानस पाठ के साथ-साथ अच्छे भजन गीत भजन गीत के माध्यम से लोगों को आनंदित किया गया । 

डॉ प्रधानाचार्य डॉ नलिनी कांत मणि त्रिपाठी ने पुरातन छात्रों व कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षकों और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन एक छात्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। छात्र अपने परिश्रम और गुरु के निर्देश का पालन कर अच्छे मुकाम पर पहुंचने में सफलता हासिल कर सकता है।वर्तमान में शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को चाहिए कि अपने पुरातन छात्रों व गुरुजनों से सीख लेते हुए बेहतर ढंग से शिक्षा हासिल कर आगे बढ़े। आयोजक द्वारा अतिथियों को फूल मालाओं के साथ श्रीरामचरितमानस पुस्तक और अंग वस्त्र भी भेंट किया गया।कॉलेज में 25 वर्ष पहले 1995 में इण्टर मीडिएट के मैथ, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर ग्रुप में एक साथ एक कक्षा में बैठकर शिक्षा हासिल किए हुए पुरातन छात्र अपने पुराने साथियों को पाकर काफी गदगद व भावुक भी रहे ।

हर कोई बस अपने साथियों से पुराने चेहरे की याद ताजा करते ही बस यही कहता नजर आया कि पहचाने हम फला हैं। गुरुजनों और शिष्यों की पुरानी यादों की चर्चा रजत जयंती समारोह के कार्यक्रम के दौरान चलती रही। इस दौरान कार्यक्रम आयोजक धीरेंद्र मिश्र वशिष्ट जी महाराज के अलावा  सत्येंद्र गुप्ता , सग़ीर खाकसार, अनिल अग्रहरि, कमलेश मिश्रा, मधुर श्याम, राकेश जयसवाल, महेश त्रिपाठी, सोनू श्रीवास्तव ,सूर्य प्रकाश पांडेय, राम प्रकाश मिश्र, तौलेश्वर निषाद, एस पी अग्रवाल, अनिल पाठक  वीरेंद्र मणि त्रिपाठी  मधुर श्याम मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव ,राम सेवक, ओम प्रकाश, मुकेश कुमार,पदमाकर शुक्ल, रमेश मणि त्रिपाठी, मुस्तन शेरुल्लाह,लाल जी यादव, सुरेन्द्र प्रजापति,संतोष कुमार चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।

 

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