IMPAR के डेवलपमेंट अजेंडा को आगे बढ़ाएंगे ये 8 नये विद्वान
भारतीय मुसलमानों की प्रगति और सुधार के लिए देश और देश से बाहर दुनिया के विभिन्न कोनों में रहने वाले एक हजार से ज्यादा शिक्षित भारतीयों के मशवरे और उनकी देखरेख में काम करने वाली संस्था इंडियन मुस्लिम फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स ने अपनी कार्यकारी समिति ( Executive Committee) के दायरे को बढ़ाते हुए इस में 8 नए सदस्यों को जोड़ा है, जिस से कुल संख्या अब 25 हो गयी है।
इम्पार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी आठ नई हस्तियों को इम्पार की कार्यकारी समिति ( Executive Committee) से जोड़ा गया है। इम्पार की ओर से दी गई सूचना के अनुसार 8 नए सदस्यों में डॉ। हिश्मी जमील हुसैन, हेड-बायोडायवर्सिटी एंड कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी, टाटा स्टील, जमशेदपुर, डॉ।
पीके इब्राहिम, अधिवक्ता, त्रिवेंद्रम उच्च न्यायालय, केरल, सुश्री शमश्रविश रीन, एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट व जॉइंट कोषाध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, डॉ। एके कुरैशी, निदेशक, एम एम ए एन टी सी कॉलेज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नासिक, डॉक्टर लुबना कमाल एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय जेएलएन होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, कानपुर, सुश्री शेरिन अली, हेड-सीएसआर, डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज, पुणे, मिस्टर गुलरेज आलम डायरेक्टर/निदेशक आईबी ग्रुप छत्तीसगढ़, सुश्री आशी नेमत, अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उपन्यासकार, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता, मुंबई शामिल हैं।
इंडियन मुस्लिम्स फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स (इम्पार) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर खालिद अंसारी ने कार्यकारी समिति ( Executive Committee) में शामिल होने वाले सभी आठ नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा है कि हमें आशा ही नहीं सम्पूर्ण विश्वास है कि कार्यकारी समिति ( Executive Committee) में शामिल सभी नए सदस्य भारतीय मुसलमानों की प्रगति और रिफॉर्मस के लिए काम करने वाले इंडियन मुस्लिम्स फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स (इम्पार) के डेवलपमेंट अजेंडा को आगे बढ़ाएंगे, ताकि देश और समाज का भला हो सके।

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