पैरलाइज़्ड हाथ से नोट गिरी और सोशल मीडिया ने मुस्लिम शख्स पर कोरोना फैलाने का आरोप लगाकर वीडियो चलाया

by Kinjal

एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है जिसमें पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक मुस्लिम शख्स के हाथ से कोई चीज़ नीचे गिरते हुए दिखाई दे रही है. दावा किया गया है कि कोरोना फैलाने के लिए इस व्यक्ति ने नोट को जान-बूझकर नीचे गिराया है. 'एबीपी न्यूज़' एंकर विकास भदौरिया ने 25 अप्रैल 2020 को ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, "नोट जानबूझ कर फेंका या गलती से गिर गया है ? इनका इरादा क्या हो सकता है ?#CoronaUpdate #CoronavirusOutbreak #lockdownindia" आर्टिकल लिखे जाने तक भदौरिया के ट्वीट में शामिल वीडियो को 2 लाख 27 हज़ार से ज़्यादा बार देखा और लगभग 6 हज़ार बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

नोट जानबूझ कर फेंका या गलती से गिर गया है ? इनका इरादा क्या हो सकता है ?#CoronaUpdate#CoronavirusOutbreak #lockdownindia pic.twitter.com/eAVlgQny6N

— Vikas Bhadauria (ABP News) (@vikasbhaABP) April 25, 2020

'टीवी9 गुजराती' ने ये वीडियो प्रसारित करते हुए दावा किया कि गुजरात के नवसारी में एक व्यक्ति ने कोरोना का डर फैलाने के लिए जान-बूझकर ये नोट गिराई है. (वीडियो का आर्काइव लिंक)

BJYM तेलंगाना स्टेट के प्रवक्ता रूप दरक ने ट्वीट करते हुए इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ को टैग किया.

Can you Plz fact check willingly currency on road .@AltNews @zoo_bear pic.twitter.com/dlb4Ch7TEo

— Roop Darak (@iRupND) April 25, 2020

इस पूरी घटना के 2 मिनट 13 सेकंड लंबे वीडियो को फ़ेसबुक पेज 'S24 News Channel' ने 23 अप्रैल को गुजराती मेसेज के साथ पोस्ट किया. इस पोस्ट के वीडियो को अब तक 24 हज़ार बार देखा जा चुका है. चैनल ने दावा किया कि नवसारी में नोट फेंकने की घटना देखने को मिली (फ़ेसबुक पोस्ट का आर्काइव लिंक).

फ़ैक्ट-चेक

वायरल पोस्ट के मुताबिक इस वीडियो के नवसारी से संबंधित होने की आशंका से हमने नवसारी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. कॉल करने पर नवसारी के रूरल पुलिस स्टेशन के इन्स्पेक्टर पी.पी. ब्रह्मभट्ट ने हमें बताया, "सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पेट्रोल पम्प के मालिक ने हमें इस घटना की जानकारी दी थी. इसके आधार पर हमने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति से पूछताछ की. इनका नाम मोहम्मद यूसुफ़ इलियास है और ये वलसाड के रहनेवाले हैं. पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि एक्सीडेंट होने की वजह से उनके दाएं हाथ में पैरालिसिस हो गया था. वो अपने दाएं हाथ से ज़्यादा कुछ काम नहीं कर पाते हैं और इसी कारण से उनके हाथ से वो नोट गिर गई थी. हालांकि, लॉकडाउन के दौरान वलसाड ज़िले से नवसारी ज़िले में उनके आने को लेकर इल्यास के खिलाफ़ शिकायत दर्ज़ की गई है." आगे ब्रह्मभट्ट से इलियास इल्यास के कोरोना पॉज़िटिव होने या उनमें कोरोना के कोई लक्षण दिखाई देने की बात पूछी गयी. इसका जवाब देते हुए उन्होंने बताया, "हमने इलियास का मेडिकल टेस्ट करवाया था लेकिन उनमें कोरोना का कोई लक्षण देखने को नहीं मिला है. लेकिन डॉक्टर ने उन्हें घर में क्वारंटीन में रहने को बोला है."

हमने इल्यास से इस पूरी घटना के बारे में जानने के लिए कॉन्टैक्ट किया. उन्होंने बताया, "मैं डाभेल जाने के लिए 22 तारीख की सुबह निकला था और मैंने रास्ते में पड़ने वाले इस पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल भरवाया. हाईवे पर गाड़ी चला रहा था तो इसी वजह से मैंने चश्मे और मास्क पहने थे. मेरा 2009 में एक एक्सीडेंट हुआ था जिसकी वजह से मैं अपने दाहिने हाथ से कुछ ठीक से पकड़ नहीं सकता हूं. मेरा ये हाथ हरकत तो करता है लेकिन उससे मैं कोई भी चीज़ पकड़ नहीं सकता. इसी वजह से मेरे दाहिने हाथ से कब नोट गिर गई मुझे पता नहीं चला. आपने अगर वीडियो देखा है तो आपको मालूम होगा कि मैंने अपने उलटे हाथ से जेब से पैसे निकाले और उन्हें दिए. इसी बीच मेरे अंगूठे में एक नोट फंस गई जिसका मुझे पता ही नहीं चला और वो नोट मेरे हाथ से गिर गई."

2 मिनट 13 सेकंड के लम्बे वीडियो में इल्यास को अपना बायां हाथ जेब में डालकर पैसे निकालते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में 46वे सेकंड पर इल्यास ने अपने दोनों हाथों में पैसे पकड़े हुए हैं. उसके बाद वो अपने बाएं हाथ से पैसे पेट्रोलपम्प के कर्मचारी को देते हैं.

इल्यास से FIR के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, "मुझे वलसाड पुलिस स्टेशन में बुलाया गया था और पूछताछ की गई थी. तब मैंने उन्हें बताया कि मैं नवसारी नहीं गया था लेकिन हाईवे के रास्ते से मैं डाभेल ज़रूर गया था. मेरे कंधे के नीचे स्टील का रॉड डाला गया था जिसकी वजह से कभी-कभी मुझे दर्द होता रहता है और मुझे हर 2-3 महीने में डॉक्टर के पास चेक-अप करवाने के लिए जाना पड़ता है. उसके बाद वहां पर नवसारी पुलिस स्टेशन से कुछ लोग आए और मुझे नवसारी के रूरल पुलिस स्टेशन ले गए. वहां पर नवसारी के सरकारी हॉस्पिटल में ले जाकर मेरा चेक-अप करवाया गया. इसके बाद डॉक्टर ने साफ़ कर दिया कि मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है और कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं हैं. मुझे तब तक इस मामले के बारे में कुछ मालूम ही नहीं था. उसके बाद मैंने अपने पैरालिसिस हो चुके हाथ के बारे में पुलिस को बताया तो उन्होंने भी माना कि मैंने जान-बूझकर नोट नहीं फेंका था. इसके बाद पेट्रोल पम्प के लोग भी वहां पर आए और उन्होंने मेरा हाथ देखा. सभी ने ये बात मान ली कि मेरे हाथ से नोट गलती से गिर गई थी. इसके बाद मुझे ज़मानत दे दी गई. मुझे डॉक्टर ने घर पर ही रहने के लिए कहा है और इसीलिए मैं अपने घर पर ही रहता हूं." इलियास ने इस पूरी घटना के बारे में एक वीडियो रिकार्ड कर हमें भेजा है जिसमें आप उनके घायल हाथ को साफ़ देख सकते है.

 

इल्यास के एक्सीडेंट के बाद उनके हाथों और कन्धों का एक्स-रे यहां देखा जा सकता है.

 

 

इसके अलावा हमने कृषक पेट्रोल पम्प के मालिक सुनीलभाई पटेल से बात की. उन्होंने भी बताया कि इलियास के हाथ में पहले किसी एक्सीडेंट की वजह से चोट लगी थी और इसी के करण उनके हाथ से ये नोट पेट्रोल पम्प पर गिर गई थी.

कोरोना है या नहीं, ये जाने बगैर कैसे कोई व्यक्ति वायरस फ़ैलानी की कोशिश कैसे कर सकता है?

कोई भी व्यक्ति कोरोना का संक्रमण तभी फैला सकता है जब वो ख़ुद संक्रमित हो. और कोरोना से संक्रमित होने की बात उसे तभी मालूम चलेगी जब उसका कोरोना का टेस्ट हुआ होगा. भारत में कोरोना के टेस्ट सरकारी और प्राइवेट दोनों लैब में किये जा रहे हैं. सरकार को इन सभी टेस्ट की सूचना देना अनिवार्य है, खास तौर पर तब, जब किसी व्यक्ति का टेस्ट पॉज़िटिव आया हो. इससे कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों को क्वारंटीन या हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जा सके. अगर इलियास इल्यास ने वाकई कोरोना वायरस फैलाने के लिए ही नोट गिराई थी तो उन्हें मालूम कैसे चला कि वो COVID-19 पॉज़िटिव हैं? उन्होंने हमें बताया कि इससे पहले उनका कोरोना का टेस्ट नहीं हुआ था.

इसके अलावा, क्वारंटाइन तोड़कर इल्यास के बाहर जाने का मामला एपिडेमिक ऐक्ट के अंतर्गत आता है जबकि इल्यास पर ऐसे किसी चार्ज के तहत मामला दर्ज़ नहीं किया गया है. पॉज़िटिव व्यक्ति के सरकार की नज़रों से बच कर कोरोना फैलाने की पूरी कहानी बेतुकी साबित होती है. जब किसी व्यक्ति को कोरोना है ही नहीं तो वो कैसे वायरस फ़ैला सकता है? ये सोचने वाली बात मालूम देती है.

इस तरह एक मुस्लिम व्यक्ति के बेजान हाथों से गिरी नोट का एक वीडियो सोशल मीडिया में कोरोना वायरस फैलाने की साज़िश के तौर पर शेयर हो रहा है. लोकल मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में ये वीडियो मुस्लिम समुदाय पर कोरोना फैलाने का आरोप लगाते हुए शेयर किया गया. इससे पहले भी कई पुराने और असंबंधित वीडियो और तस्वीरें शेयर कर कोरोना फैलाने का ठीकरा मुस्लिम समुदाय पर फोड़ने की कोशिश की है. इन आरोपों की शुरुआत दिल्ली में तबलीग़ी जमात द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल कई लोगों के कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद से हुई.

वायरल है ये वीडियो

फ़ेसबुक मीडिया पेज 'सूरत न्यूज़ रडार' ने ये वीडियो 24 अप्रैल को पोस्ट किया है जिसे आर्टिकल लिखे जाने तक इस पोस्ट को 5,400 बार देखा गया है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर हैन्डल '@uniquesperm' ने भी वायरल वीडियो के प्रसारण का एक वीडियो ट्वीट किया है. ट्वीट किया गया वीडियो 'G24 न्यूज़' ने प्रसारित किया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ये वीडियो एक हिन्दी मेसेज - "पैसे लेने के बाद दूसरे हाथ से नोट फेंक रहा है" - के साथ ट्विटर और फ़ेसबुक पर खूब वायरल है.

ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल एंड्रॉइड ऐप पर इस वीडियो की हकीकत जानने के लिए कई रीक्वेस्ट भेजी गई हैं.

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