खेत में बची फसल अब तैयारी के चरण में है और किसान दुविधा में है
रिपोर्ट : तारिक़ हुसैन सिद्दीकी
रिपोर्ट : तारिक़ हुसैन सिद्दीकी
सेमरियावा,संतकबीरनगर। जहा एक तरफ किसान फसलो को उगाने में तन मन धन एवं दिन और रात मेहनत कर रहा है वही फसलो को चट कर जाने के लिए एक के बाद एक कीड़े मकोड़े तथा बीमारियों से परेशान रहता है.
लगभग चार से पाँच माह पूर्व कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के चलते देश के प्रधानमंत्री व सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा लाकडाउन जारी रहा था उसी बीच टिड्डियों का झुण्ड फसलो को काफी नुकसान कर गया इस संकट को किसान आज भी भूला नही है, कुछ इसी प्रकार की दसा से झेल रहा स्थानीय विकास खण्ड सेमरियावां के किसान धान की फसल में बीमारी से चिंतित हैं।
किसान अब्दुल रशीद, राम मिलन और दलसिंगार ने कहा कि धान की फसल तैयारी के चरण से गुजर रही है।खेतों खड़ी हरी धान की फसल के पत्ते सूख रहे हैं, जो फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे पैदावार प्रभावित होगी।
सेमरियावा निवासी अबुजर चौधरी ने कहा कि इस साल किसान अब तक धान कि फसल को लेकर चिंतित हैं। समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। इससे पहले धान के मौसम में भारी बारिश के कारण धान के पौधे नष्ट हो गए थे। खेत की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। कई दिनों तक खेत में पानी जमा रहने के कारण धन के पौधे गल गए।खेतों में अतिवृष्टि के चलते दोबारा रोपाई नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि खेत में बची फसल अब तैयारी के चरण में है और किसान दुविधा में है। धान की फसल के पत्तों के सूखने से धान के उत्पादन पर असर पड़ेगा। सरकार को किसानों के लिए राहत की घोषणा करनी चाहिए। किसान को बहुत नुकसान हुआ।

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