तजल्ली फ़ातिमा ने कामयाबी की ग़ैरमामूली मिसाल क़ायम की
लखनऊ : तजल्ली फ़ातिमा वो मुस्लिम लड़की हैं जिन्होंने 2023 में एक साथ आईआईटी IIT और नीट NEET दोनों ही इम्तेहानात में कामयाबी हासिल करके एक ग़ैरमामूली कामयाबी की मिसाल क़ायम की है।
एक साथ मेडिकल और इंजीनियरिंग के मुक़ाबलाजाती इम्तेहान में कामयाबी हासिल करना शाज़ो नादिर ही सुनने को मिलता है।आईआईटी JEE-Advance की काउंसलिंग के बाद तजल्ली फ़ातिमा को आईआईटी-खरगपुर में बीटेक और एमटेक के इंटेग्रटेड डिग्री के लिए एडमिशन का ऑफ़र मिल चूका है.
NEET की काउंसलिंग में काफ़ी देर होने की वजह उनको NEET की काउंसलिंग के बाद किस मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का ऑफ़र मिलता है, इसका इंतेज़ार है. हालांकि अब तजल्ली फ़ातिमा ने आईआईटी-खरगपुर में एडमिशन लेकर इंजीनियरिंग में ही बीटेक और एमटेक में अपने करियर बनाने का फ़ैसला किया है.
तजल्ली फ़ातिमा लखनऊ में रहती हैं और वहीं से उन्होंने अपनी दसवीं और बारहवीं पास किया है, जबकि बचपन में शुरुआत से नवीं क्लास तक उन्होंने पटना के सेंट माइकल्स स्कूल में पढ़ाई की थी. वो शुरू से ही पढ़ाई में काफ़ी ग़ैरमामूली रही हैं और क्लास की हमेशा टॉपर रहती आई हैं।
तजल्ली के वालिद आज़म ख़ान मरकज़ी सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन में डायरेक्टर के ओहदे पर लखनऊ में फायज़ हैं, जबकि उनकी वालिदा डॉक्टर नजमुस सहर भी मरकज़ी हुकूमत के वज़ारते आयुष के तहत लखनऊ में यूनानी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑफ़िसर हैं। तजल्ली फ़ातिमा दो बहनें हैं और उनकी छोटी बहन अभी दसवीं क्लास में हैं और अभी से ही वो भी अपनी बड़ी बहन के नक़शे क़दम पर ही चलने का इरादा रखती हैं।
तजल्ली फ़ातिमा की कामयाबी उन तमाम बच्चों की हौसला अफ़ज़ायी के लिए एक मिसाल है, जो तालीम के ज़रिये कामयाबी की उंची मंज़िलें हासिल करना चाहते हैं। तजल्ली फ़ातिमा को बहुत मुबारकबाद और मुस्तक़बिल में उनकी मज़ीद कामयाबियों के लिए सबकी नेक ख़्वाहिशात और दुआएं उनके साथ हैं।

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