मोहम्मद उमर गौतम की गिरफ़्तारी पर शिया धर्मगुरू मौलाना कल्ब-ए-जवाद ने उठाए सवाल
मुफ़्ती जहांगीर और उमर गौतम की गिरफ़्तारी के बाद से ही दोनों पर तरह-तरह के इल्ज़ामात लगाए जा रहे हैं
लखनऊ : जाने माने शिया आलिम मौलाना कल्बे जवाद ने उमर गौतम की गिरफ़्तारी पर सवाल उठाए हैं। मौलाना की मांग है कि धर्मांतरण मामले में गिरफ़्तार उमर गौतम और मुफ़्ती जहांगीर के ख़िलाफ़ जांच निष्पक्ष रूप से चलाई जाए।
मुफ़्ती जहांगीर और उमर गौतम की गिरफ़्तारी के बाद से ही दोनों पर तरह-तरह के इल्ज़ामात लगाए जा रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए मौलाना जवाद ने कहा, “यूपी एटीएस को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यह भी ध्यान रखने की ज़रूरत है कि किसी बेगुनाह को सज़ा न मिले।”
धर्मांतरण पर बात करते हुए मौलाना जवाद ने कहा, “जिन लोगों का धर्म परिवर्तन हुआ है उनका बयान दर्ज होना चाहिए। क्या उन्हें ज़ोर-ज़बरदस्ती में इस्लाम क़बूला है। अगर कोई शख़्स अपनी मर्ज़ी से इस्लाम क़बूलता है तो उसे दोषी नहीं माना जा सकता। क्योंकि भारतीय संविधान के अनुसार हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम में जबरन धर्मांतरण की कोई जगह नहीं है। और अगर किसी व्यक्ति के साथ ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे मुस्लिम नहीं माना जाता।
विदेशी फ़ंडिंग के मामले में सरकार को निशाना बनाते हुए जवाद ने कहा कि अगर विदेश से पैसा आ रहा था तो यह सरकार की कमी है। “अगर एजेंसियां दावा कर रही हैं कि फंडिंग विदेश से की जा रही है और इसी धर्म कारण परिवर्तन हो रहा है, तो उन्हें यह साबित करना चाहिए।”

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