सऊदी अरब की लीडरशिप अदृश्य दुश्मन COVID-19 का सामना करने के लिए हर मोर्चे पर तैयार
महामारी से निपटने में सऊदी नेतृत्व का दृष्टिकोण, निर्णय लेने में तेज़ी समस्या के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है
अशरफ अली बस्तवी : चीफ एडिटर एशिया टाइम्स, नई दिल्ली
पिछले चार माह से दुनिया को एक ऐसे दुश्मन ने घेर रखा है जिसे हमारी आँखें देख नहीं सकतीं लेकिन इस अदृश्य दुश्मन ने अब तक 72 लाख लोगों को अपने गिरफ्त में ले ले चुका है और 4लाख से अधिक लोगों को निगल चूका है।
दुनिया ने इस दुश्मन की पहचान COVID-19 के तौर पर की है। हैरानी की बात यह है की कोरोना से अति विकसित देश भी नहीं बच सके जिनकी स्वास्थ सुविधा बहुत आगे है उनका को भी बड़े नुकसान हुए हैं।ऐसे में सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को COVID-19 के प्रकोप से बचाने की कोशिश सराहनीय है।

जनवरी के अंत में चीन से वायरस के फैलने की रिपोर्ट आते ही सऊदी अधिकारियों ने तुरंत सक्रियता बरती। विश्व स्वस्थ संगठन के डायरेक्शन को फॉलो करते हुए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को निलंबित कर दिया गया,स्कूलों और विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन कर दिया गया और देशव्यापी कर्फ्यू लगाया गया । बीमारी का उपचार और रोकथाम के संबंध में, सऊदी भर में कई शोध केंद्र टीका करण केंद्र के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ।
कोरोना वायरस की जाँच में जुटे विशेषज्ञ
देश के विश्वविद्यालय अपने सुपर कंप्यूटर और विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए सॉफ़्टवेयर का उपयोग कर कोरोना वायरस की जाँच के लिए किया उपयोग कर रहे है .पिछले दिनों किंग अब्दुलअज़ीज़ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ अब्दुल रहमान अल-यूबी ने एक प्रेस साक्षात्कार में उल्लेख किया कि सऊदी शोधकर्ताओं की एक टीम ने "टीका के विकास के लिए वायरस को अलग करने" में कामयाबी का संकेत देते हुए कहा था कि वे इसे मानव पर परीक्षण करने से पहले जानवरों पर प्रयोग शुरू करेंगे ।

प्रति सप्ताह 1,000 वेंटिलेटर का निर्माण
इसके अलावा, वेंटिलेटर में संभावित कमी को पूरा करने के लिए, सऊदी काउंसिल ऑफ़ इंजीनियर्स ने वेंटिलेटर के स्थानीय निर्माण में टीम बनाने के लिए सऊदी औद्योगिक कंपनियों के सहयोग से आठ सरकारी एजेंसियों को जोड़ा है। रिपोर्टों से पता चलता है कि पहले चरण में प्रति सप्ताह 1,000 वेंटिलेटर का निर्माण होगा ।
यह कहना दुरुस्त है कि अपने चिकित्सा, आर्थिक और सामाजिक प्रभाव के संबंध में महामारी से निपटने में सऊदी नेतृत्व का दृष्टिकोण, निर्णय लेने में तेज़ी समस्या के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
LOCKDOWN की पाबंदियों में नरमी दुसरे देशों से बेहतर
LOCKDOWN की पाबंदियों में नरमी की अगर बात करें तो सऊदी अरब की तैयारियां दुसरे देशों से बेहतर नज़र आती हैं , सऊदी अरब ने ही सब से पहले देश की सभी 90 हज़ार मस्जिदों की सेनेटाइज़ करने के बाद खोलने का एलान किया , 28 मई से 30 मई से LOCKDOWN में नरमी बरतने का पहला दौर सुहृ किया , दूसरा मरहला 31 मई से 20 जून होगा और फिर 21 जून से बड़े पैमाने पर नरमी बरती जाएगी लेकिन मक्का सिटी को अभी इस नरमी से अलग रखा जायेगा
जन जागरण के लिए सऊदी स्वस्थ मंत्रालय का सराहनीय कार्य
सऊदी अरब के स्वस्थ मंत्री डॉ तौफीक अल राबियाह ने अपने मंत्रालय की वेबसाइट पर नागरिकों को जागरूक करने के लिए अऱबी ,उर्दू ,हिंदी , इंग्लिश , और बांग्ला भाषा में पोस्टर पब्लिश किया है ताकि लोग इस बीमारी से खुद को बचने की हिदायत को जान सकें इसका लिंक https://covid19awareness.sa/hi/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80

आप इस वेबसाइट से अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सऊदी सरकार ने 48 अरब डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा की है
सऊदी सरकार ने निजी क्षेत्र को लगभग 48 अरब डॉलर के कुल सहायता पैकेज की घोषणा की है। पैकेज में छूट और कुछ सरकारी बकाया (18.6 बिलियन डॉलर) शामिल है, बैंकिंग और एसएमई क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए $ 13.3 बिलियन का पैकेज, यह सुनिश्चित करने के लिए कि निजी क्षेत्र को सरकारी बकाया का भुगतान समय पर किया जाता है, और निजी क्षेत्र में सऊदी कर्मचारियों के वेतन पर 60 प्रतिशत की सब्सिडी इसके अलावा कर संबंधी कई उपाय भी शामिल हैं.
जी-20 की तैयारियां

अगले वर्ष 21-22 नवम्बर को सऊदी अरब अपनी राजधानी में वैश्विक शिखर सम्मेलन जी-20 में विश्व के बड़े नेताओं की मेजबानी करेगा। जी-20 अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित हो इसके लिए सऊदी अरब दृढ़ संकल्प है।
कोरोना के बाद की बदलती दुनिया का भविष्य क्या होगा और अब काम काज के तौर तरीके में कासी तबदीली अपनाने की ज़रुरत है इसके लिए भी सऊदी अरब खुद को पूरी तरह तैयार कर रहा है।
मार्च में जी-20 के सभी मेंबर देशों की डिजिटल मीटिंग खुद शाह सलमान और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बन सलमान ने लिया था। जी-20 की तैयारियां किसी तरह बाधित न हों इस पर भी तेज़ी से काम हो रहा है। आने वाले दिनों में दुनिया की स्थिति चैलेंजों से भर पूर है लेकिन सऊदी अरब की लीडरशिप इस का सामना करने के लिए हर मोर्चे पर तैयार है।

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