रूस ने यूक्रेन पर 273 ड्रोन दागे:3 साल में सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया; पुतिन बोले- जंग की वजह को खत्म करना मकसद
रूस ने शनिवार रात यूक्रेन पर 273 ड्रोन से हमला किया। यूक्रेन की एयरफोर्स के मुताबिक 3 साल से चली आ रही जंग में यह रूस का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था।
इस हमले में एक 28 वर्षीय यूक्रेनी महिला की मौत हो गई है, जबकि एक बच्चे समेत 3 लोग घायल हुए हैं। यूक्रेन की संसद के स्पीकर रुस्लान स्टेफनचुक के मुताबिक हमले की वजह से 9 घंटे तक एयर सायरन बजते रहे।
रुस्लान ने बताया कि इस हमले में रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही कई गैराज जलकर खाक हो गए हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने रविवार को कहा कि उनका मकसद रूस-यूक्रेन जंग की वजह को खत्म करना है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन ने रूसी सरकारी मीडिया से बात करते हुए यह बयान दिया।

रूस-यूक्रेन में दो घंटे भी नहीं चली बातचीत
तुर्किये के इस्तांबुल शहर में 16 मई को रूस-यूक्रेन के बीच जंग रोकने को लेकर पहली बातचीत हुई। इस बैठक में दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल हुआ। बैठक की मध्यस्थता तुर्किये ने की। यह बातचीत सिर्फ 90 मिनट चली।
दोनों देशों में जंग रोकने को लेकर सहमति नहीं बन पाई। यूक्रेनी अधिकारी के मुताबिक बातचीत के लिए कम से कम अस्थायी सीजफायर की शर्त रखी गई थी जिसे मानने से रूस ने इनकार कर दिया।
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जंग जारी है। बीते 3 साल में ऐसा पहली बार हुआ जब दोनों देशों के बीच शांति को लेकर सीधी बातचीत हुई।

पुतिन ने वार्ता में शामिल होने से इनकार किया
इससे पहले शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए पहले जेलेंस्की और पुतिन के शामिल होने की चर्चाएं थीं लेकिन गुरुवार को क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन इसमें शामिल नहीं होंगे।
पुतिन ने शांति वार्ता में न पहुंचने के फैसले के बाद ट्रम्प ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि जब तक पुतिन और मैं एक साथ नहीं आते, तब तक कुछ भी होने वाला है, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं। लेकिन हमें इसे हल करना होगा क्योंकि बहुत से लोग मर रहे हैं।’’
हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पुतिन की आने वाले दिनों में ट्रम्प से मिलने की कोई योजना नहीं है।
जेलेंस्की बोले- रूस को कभी अपनी जमीन नहीं देंगे
जेलेंस्की ने बातचीत से पहले साफ कहा है कि यूक्रेन कभी भी उन इलाकों को रूस का हिस्सा नहीं मानेगा, जो अभी रूस के कब्जे में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शांति वार्ता आगे बढ़ेगी, लेकिन यूक्रेन अपनी जमीन से समझौता नहीं करेगा। जमीन यूक्रेन की है और यह हमेशा यूक्रेन की ही रहेगी।
रूस बार-बार यह मांग करता रहा है कि यूक्रेन के चार इलाके और क्रीमिया को रूस का हिस्सा माना जाए। क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने पहले इशारा दिया था कि शायद यूक्रेन अब अपने सभी पुराने इलाकों को वापस नहीं पा सकेगा।
courtesy:www.bhaskar.com

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