राहुल बोले- दम है तो PM कहें कि ट्रम्प झूठे:प्रियंका बोलीं- लोग सरकार भरोसे कश्मीर गए, सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ा
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर दूसरे दिन बहस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाषण दिया। राहुल ने कहा- ट्रम्प ने 29 बार कहा है कि हमने युद्ध रुकवाया। अगर दम है तो प्रधानमंत्री यहां सदन में यह बोल दें कि वह झूठ बोल रहे हैं।
राहुल ने कहा- अगर PM मोदी में इंदिरा गांधी की तरह 50 प्रतिशत भी दम है तो कह दीजिए कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत का एक भी फाइटर जेट नहीं गिरा है। प्रधानमंत्री अपनी छवि बचाने के लिए जिस तरह से सशस्त्र बलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह देश के लिए खतरनाक है।
राहुल से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। पहलगाम में जब लोगों को मारा जा रहा था, तब वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। पीएम ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय लेने आगे आ जाते हैं, जिम्मेदारी लेने क्यों नहीं आते।

राहुल के स्पीच की 4 बड़ी बातें; बोले- सरकार ने 35 मिनट में सरेंडर कर दिया
- सरकार ने 35 मिनट में सरेंडर कर दिया: कल राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रात 1:05 बजे शुरू हुआ और 1:35 बजे हमने पाकिस्तान को फोन करके बताया कि हमने मिलिट्री ठिकानों पर हमला नहीं किया है। दो लोगों के बीच लड़ाई हो रही थी, एक आदमी ने दूसरे को सीधे जाकर यह बताया कि आपके पास लड़ने की पॉलिटिकल विल है ही नहीं आप लड़ना ही नहीं चाहते हो। हमने 35 मिनट में सरेंडर कर दिया।
- मेरी बात सुनी होती, तो 5 फाइटर जेट नहीं गंवाते: कैप्टन शिवकुमार (डिफेंस अटैची इंडोनेशिया) ने कहा कि भारत ने कुछ एयरक्राफ्ट्स खोए हैं। यह इसलिए हुआ क्योंकि हमने उनके सैनिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया। न हमें इसके लिए कहा गया। मतलब आपने उनके हाथ बांध दिए। अगर आपने लोकसभा में चीन और पाकिस्तान के बारे में मेरी कही बात सुनी होती, तो आपको वो 5 जेट नहीं गंवाने पड़ते।

- ट्रम्प ने 29 बार सीजफायर करवाने का दावा किया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 29 बार कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीजफायर करवाया। अगर वह झूठ बोल रहे हैं, तो प्रधानमंत्री को लोकसभा में यह बात कहनी चाहिए। अगर दम है तो प्रधानमंत्री यहां सदन में बोल दें कि ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं।
- ट्रम्प ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ को व्हाइट हाउस में क्यों बुलाया: विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने पाकिस्तान को रोका। सच में? भारत में आतंकवाद फैलाने वाले असीम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस बुलाया था, जहां प्रधानमंत्री मोदी भी नहीं जा सकते। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि मैं असीम मुनीर को इसलिए बुलाया क्योंकि मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता था। किस बात के लिए धन्यवाद? आतंकवाद फैलाने के लिए।
प्रियंका के भाषण की 4 बड़ी बातें: पहलगाम में मारे गए 25 लोगों के नाम पढ़े
1. आतंकियों ने लोगों को चुन-चुनकर मारा: प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि कश्मीर जाइए, वहां अमन-चैन है, शांति का वातावरण है। 22 अप्रैल को सैकड़ों लोग पहलगाम पहुंचे। कोई चाय पी रहा था, कोई जिपलाइन पर था। तभी जंगल से निकलकर आए आतंकियों ने 26 लोगों को चुन-चुनकर मार डाला। पत्नी के सामने पति को मार डाला। बेटे को पिता के सामने मार डाला।
2. सरकार झूठी हो तो सेना कमजोर हो जाती है: जब मेरे पिता शहीद हुए, तब वे सिर्फ 44 साल की थीं। तब उनकी आंखों से आंसू गिरे। आज उनकी आंखों में 26 लोगों के मारे जाने के आंसू हैं। ये सोने का नहीं, कांटों का ताज है। जब सरकार झूठी और कायर हो तो सेना के पराक्रम को भी कमजोर कर देती है।

3. सरकार के मन में जनता के लिए कोई जगह नहीं: अगर ऑपरेशन के दौरान हमारे लड़ाकू विमानों का नुकसान नहीं हुआ तो सदन में रक्षा मंत्री क्यों नहीं बता देते। इनके मन में जनता के लिए कोई जगह नहीं है। सब पब्लिसिटी है। आप जनता को देख ही नहीं पा रहे। जो पहलगाम में हुआ, उससे हर देशवासी को चोट पहुंची है।
4. पहलगाम हमले में मरने वाले 25 लोग भारतीय थे: प्रियंका ने स्पीच के दौरान पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के नाम पढ़े। उन्होंने कहा, 'जो लोग पहलगाम में मारे गए, उनमें से 25 लोग भारतीय थे। मैं उनके नाम पढ़ना चाहती हूं, ताकि यहां बैठे हर सदस्य को एहसास हो कि वे भी इस देश के बेटे थे।' प्रियंका जब 25 नाम पढ़ रही थीं, कांग्रेस सांसद भारतीय-भारतीय के नारे लगा रहे थे। भाजपा सांसदों ने 'हिंदू-हिंदू' के नारे लगाए।
courtesy:www.bhaskar.com

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