महंगाई की मार से जनता है परेशान- शहरों से महंगे गांव !

"मुझे नहीं पता क्या हो रहा है? घर के राशन का सारा सामान- सब्ज़ियां, दालें, गैस सिलिंडर, मसाले... सभी चीज़ें मंहगी हो रही हैं. ऐसे में हम खाएंगे क्या? मैंने सुना है कि हमारे देश में महंगाई बीते छह सालों में सबसे ज़्यादा हो गई है."

देश में शहरों के मुकाबले गांवों में बढ़ती महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है. सितंबर महीने में जहां केवल सब्जियों व घी-तेल शहरों के मुकाबले गांवों में महंगा हो गया था वहीं अक्तूबर में इनके साथ साथ मसाले भी महंगे हो गए हैं. पिछले वर्ष अक्तूबर से तुलना की जाए तो इस वर्ष ग्रामीण इलाकों  में खाने पीने की चीजें व पान तंबाकू जैसी चीजें 10 प्रतिशत से ज्यादा महंगी हुई है .
घटती जीडीपी, लौटती महंगाई
अक्तूबर के आए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानि सीपीआई महंगाई 7.61 प्रतिशत रही है जिसमें शहरी इलाकों की महंगाई 7.4 तो ग्रामीण इलाकों की महंगाई 7.69 प्रतिशत पहुंच गई है . सितंबर में शहरी इलाकों में महंगाई 7.26 व ग्रामीण इलाकों में 7.36 प्रतिशत पर पहुंच गई थी . इस बढ़ी महंगाई में सबसे ज्यादा सहयोग सब्जियों का रहा है . अक्तूबर में ग्रामीण इलाकों में सब्जियों की मूल्य 24.05 प्रतिशत बढ़ी है वहीं शहरों में ये 19.84 प्रतिशत बढ़ी . सितंबर में ग्रामीण इलाकों में सब्जियों की महंगाई 22.71 प्रतिशत व शहरी इलाकों 17.41 प्रतिशत बढ़ी थी .

क्या महंगाई दर के कारण मंदी की स्थिति है?
कुछ जानकार सवाल कर रहे हैं कि क्या वाक़ई भारत स्टैगफ्ल़ैशन से गुज़र रहा है यानी ऐसी स्थिति जब खुदरा महंगाई दर बढ़ने के कारण मंदी की स्थिति पैदा हो जाती है.


सुशांत हेडे कहते हैं, "स्टैगफ्ल़ैशन तब होता है जब खुदरा महंगाई दर लगातार अधिक रहती है और साथ ही सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी गिरने लगती है. फिलहाल भारत में ये धीमी ज़रूर है लेकिन नकारात्मक नहीं है. कहा जा सकता है कि मंदी या मंदी जैसी स्थिति तो है लेकिन स्टैगफ्ल़ैशन नहीं है.

अक्तूबर में ऑयल व घी जैसी चीजों की महंगाई गांवों में 15.76 प्रतिशत व शहरों में 13.96 प्रतिशत बढ़ी है . मसाले गांवों में 11.27 प्रतिशत तो शहरों में 11.23 प्रतिशत बढ़े हैं . ग्रामीण इलाकों में पिछले वर्ष अक्टूबर के मुकाबले खाने पीने की चीजों के दाम 10.11 व पान तंबाकू जैसी चीजें 10.34 प्रतिशत महंगी हुई है .
हालांकि ये शहरों के मुकाबले कुछ कम महंगी हुई है . राज्यों की बात की जाए तो यूपी, उत्तराखंड, उड़ीसा, तेलंगाना व गुजरात में शहरों से महंगे गांव हैं वहीं बिहार, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड के शहरों से सस्ते गांव हैं .

शहरों से महंगे गांव
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महंगाई 7.31 व शहरी महंगाई 6.68 फीसदी, उत्तराखंड में ग्रामीण महंगाई 8.28 व शहरी महंगाई 8.03 प्रतिशत है . उड़ीसा में ग्रामीण 11.13 व शहरी महंगाई 7.61 फीसदी, तेलंगाना में ग्रामीण 11.98 व शहरी महंगाई 9.05 प्रतिशत है . वहीं गुजरात में ग्रामीण 6.78 व शहरी महंगाई 6.03 प्रतिशत है .

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