बिहार सरकार की विफ़लता आंकड़ों से तय करे जनता : शिबली मंज़ूर

 

भागलपुर: आज भागलपुर आगमन पे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बिहार अल्पसंख्यक काँग्रेस के उपाध्यक्ष सह संगठन प्रभारी शिबली मंज़ूर ने जम कर साधा बिहार सरकार पे निशाना।

 
उन्होंने बताया के बिहार की जनता को पिछले दशकों में सरकारों ने छला है। काँग्रेस सरकार द्वारा बनाया सिंचाई के लिए नहर, डैम रोज़गार के लिए बनाए कल-कारख़ाने बंद कर दिए गए। विकसित शिक्षा एवं स्वास्थ व्यवस्था ध्वस्त कर दी गयी।


इतनी उर्वर धरती और मेहनती मेधावी नागरिकों के होने के बावजूद बड़ी संख्या में पलायन के लिए मजबूर हैं। एक साज़िश के तहत बिहार के मेहनती एवं मेधावी जनसंख्या को रोजगार के अवसर प्रदान नहीं करके, पलायन पे मजबूर किया जा रहा है ताकि केंद्र सरकार के पूँजीपति मित्रों को सस्ती क्रमिक मिलते रहें।पलायन के इस दंश से बिहार वासियों को बचाने की ज़रूरत है। 


उन्होंने निम्नलिखित आँकड़े पेश करते हुए कहा के सरकार की सफ़लता या विफ़लता आंकड़ों से तय होती है सुनहरे चित्रों से नहीं।
- कई जिलों में गरीबी 70% तक है।- प्रति व्यक्ति आय ₹3650, राष्ट्रीय औसत  ₹11,625- 52.47% जनता अशिक्षित- प्रति हेक्टेयर उपज 1679 किलो राष्ट्रीय औसत 1739 किलो है.- विकास का खर्च 3633₹ है और राष्ट्रीय औसत 7935₹ है.-प्रति व्यक्ति रोड पर खर्च है 44.60₹, राष्ट्रीय औसत 117.80₹प्रति व्यक्ति सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर खर्च 104.40₹ राष्ट्रीय औसत 199.20₹।


प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस अल्पसंख्यक नगर अध्यक्ष तक़ी जावेद एवं मौलाना फ़रहान अख़्तर भी थे, तथा ज़ुल्फ़काऱ भुट्टो, सय्यद अल्फहद, आमिल सगीर, इम्तियाज़ अहमद, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद शाहबाज़ तथा फ़ैसल अली समेत कई काँग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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