अमेरिका में महामारी की रोकथाम और नियंत्रण एक आपदा ही है : अमेरिकी महामारी वैज्ञानिक

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी के महामारी वैज्ञानिक डेनिस कैरोल ने हाल ही में हमारे संवाददाता को इंटरव्यू देते हुए कहा कि जल्दी पर्याप्त ध्यान देने और कारगर कदम उठाने में विफल होने के कारण से अमेरिका दुनिया का महामारी फैलने का सबसे गंभीर देश बन गया है। इसमें अमेरिकी सरकार की दुर्व्यवहार और खराब प्रदर्शन होने की जिम्मेदारी अपरिहार्य है।
डेनिस कैरोल ने कहा कि अभी तक अमेरिका में अनेक स्टेट नये कोरोना वायरस की जांच करने में असक्षम हैं। पूरे देश में वायरस फैलने के तरीके और पूर्ण स्थितियों का स्पष्टीकरण नहीं है। अमेरिका में विभिन्न स्टेट खुद को महामारी की रोकथाम की नीति अपनाते हैं। कुछ स्टेटों ने सख्त लॉकडाउन कदम उठाकर महामारी के फैलाव को रोक दिया है। लेकिन दूसरे कुछ स्टेटों में ऐसा नहीं किया गया जिससे महामारी का प्रतिक्षेप भी अपरिहार्य है।

आर्थिक दबाव से अमेरिका में चालीस से अधिक स्टेटों में अप्रैल से ही वाणिज्य गतिविधियों की बहाली होने लगी है। पर व्हाइट हाउस के पूर्वानुमान के मुताबिक अगस्त से पहले अमेरिका में नये कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों में मृत्यु संख्या 1 लाख 37 हजार तक जा पहुंचेगी।
उधर, अमेरिका की सीआईए ने 30 अप्रैल को अपने वक्तव्य में कहा कि खुफिया विभागों का मानना है कि नये कोरोना वायरस प्रकृति से उत्पन्न है। इस सवाल के प्रति डेनिस कैरोल ने कहा कि इतिहास में पर्याप्त मिसालें हैं कि कोरोनावायरस प्रकृति में जानवरों के साथ मानव संपर्क से संक्रमित है। यह सुझाव देने के लिए कोई सबूत नहीं है कि नया कोरोनावायरस एक प्रयोगशाला दुर्घटना से है। और प्राकृतिक वायरस का प्रयोगशाला से बाहर निकलना भी असंभव है। यह साबित करने के लिए इतिहास में बहुत सारे उदाहरण हैं कि चमगादड़ जैसे जंगली जानवरों से मनुष्यों में वायरस फैलना बहुत आम है।
( हूमिन )


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