309 ज़िलों से 1000+ प्रतिभागियों ने किया AMP नेशनल NGO कॉन्फ़्रेंस 2025 में भाग!
“सच्चा परिवर्तन तभी आता है जब हम मिलकर जीवन संवारें, इज़्ज़त बहाल करें और नेतृत्व के रास्ते बनाएँ।” — आमिर इदरीसी, अध्यक्ष, AMP
लखनऊ: एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स (AMP) द्वारा इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित AMP नेशनल NGO कॉन्फ़्रेंस 2025 लखनऊ में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। देश भर के 309 ज़िलों से 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने NGOs, शैक्षणिक ट्रस्टों और सामुदायिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया।
सम्मेलन का आरम्भ NGOs के बीच एकता और समन्वित प्रयासों की अपील से हुआ।
श्री Danish Azad Ansari, राज्य मंत्री (अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक़्फ़), उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बोलते हुए, NGOs से सरकारी विभागों के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री आमिर इदरीसी, अध्यक्ष AMP ने संस्थागत साझेदारी और समुदाय-आधारित विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, चेयरमैन, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ ने ज़कात के सुनियोजित उपयोग—विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता—पर बल दिया।
सम्मेलन में नीति-विशेषज्ञ प्रो. अमिताभ कुंडू, इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट ने भारतीय मुस्लिम समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर डेटा-आधारित प्रस्तुति दी। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को विकसित भारत के आधार स्तंभ बताया।
अन्य महत्वपूर्ण सत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल लर्निंग, दक्षिण–उत्तर अकादमिक सहयोग और कैरियर मार्गदर्शन शामिल थे।
डॉ. अब्दुल अहद, राष्ट्रीय कोर टीम सदस्य और सम्मेलन के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, ने IITs, IIMs और अन्य राष्ट्रीय महत्व वाले संस्थानों में अधिक से अधिक प्रवेश सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
सम्मेलन का मुख्य फोकस NGO इकोसिस्टम को मजबूत करना और शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सुशासन और नैतिक वित्त में सहयोगी ढाँचे बनाना रहा।
फ़ारूक़ सिद्दीकी, हेड – AMP नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी, ने ज़िले स्तर पर नेटवर्क, साझा संसाधनों और मापने योग्य परिणामों की आवश्यकता पर बल दिया।
फंडरेज़िंग, CSR, क्षमता-विकास और गुड गवर्नेंस जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
CA गुलज़ार करिश्मा मलिक ने कहा:
“गवर्नेंस ही प्रभाव और विस्तार का रास्ता है; गुड गवर्नेंस हमारी पहचान है।”
ज़कात और औक़ाफ़ पर सत्रों में इनके विकास-आधारित उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
प्रमुख वक्ताओं में U. Nisar Ahmed, चेयरमैन – कर्नाटक स्टेट माइनॉरिटीज़ कमीशन, Akramul Jabbar Khan IRS (Retd), Dr. Zafar Mahmood IRS (Retd), Dr. Abdul Qadeer, Ahmed Buhari, Uves Sareshwala सहित कई विशेषज्ञों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सशक्तिकरण से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए।
अंतिम सत्र “वेलफेयर से वेल्थ क्रिएशन” में तकनीक-आधारित शिक्षा और सतत आर्थिक विकास पर चर्चा हुई।
समापन संबोधन में आमिर इदरीसी ने कहा कि सीखों को अमल में लाकर परिणाम-आधारित सामाजिक प्रभाव पैदा करना NGOs की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा:
“वास्तविक परिवर्तन तब होता है जब समुदाय राहत से आगे बढ़कर ऐसे तंत्र बनाते हैं जो इज़्ज़त, नेतृत्व और तरक़्क़ी सुनिश्चित करें।”
पहले दिन शाम में लीडर्स कॉन्क्लेव आयोजित हुआ, जिसमें क़रीबी मेहमानों में सैयद मुनव्वर अली शिहाब थंगल, प्रो. वसीम अख्तर, प्रो. अब्बास महदी, S. मोहम्मद जलील आदि शामिल थे।
इस कार्यक्रम का संचालन प्रो. क़ासिम इमाम ने अपने विशिष्ट अंदाज़ में उर्दू शायरी के साथ किया।
सम्मेलन का समापन AMP लखनऊ डिक्लेरेशन 2025 के साथ हुआ, जो वेलफेयर से वेल्थ क्रिएशन की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम की सफलता में AMP लखनऊ टीम—इंज. मुज्तबा ख़ान, डॉ. कौसर उस्मान, रिटायर्ड जज बी. डी. नक़वी, शाहीन इस्लाम, समीना अल्वी, फ़ैसल सिद्दीकी, आयशा महमूद, इल्मा सिद्दीकी, सारा नफ़ीस, समरा नफ़ीस—और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के पूरे स्टाफ का अमूल्य योगदान रहा।

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