वर्ल्ड बुक फेयर 2025 में मुस्लिम दानिश्वरान काउंसिल का सेमिनार: "सोशल मीडिया के जरिए शांति का प्रसार" पर परिचर्चा

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2025: वर्ल्ड बुक फेयर 2025 में मुस्लिम दानिश्वरान काउंसिल द्वारा एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका विषय था "युवाओं में उग्रवाद के खात्मे और शांति के प्रसार के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग"। इस सेमिनार में विद्वानों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्रों की बड़ी संख्या ने भाग लिया, जहां सोशल मीडिया की बदलती भूमिका, उग्रवादी विचारधाराओं से निपटने और वैश्विक शांति को बढ़ावा देने में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

यह सेमिनार प्रोफेसर डॉ. ज़िक्रुर्रहमान, संस्थापक निदेशक, इंडिया-अरब कल्चरल सेंटर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। प्रमुख वक्ताओं में दैनिक भास्कर के डिप्टी एडिटर मुकेश कौशिक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के सेंटर फॉर वेस्ट एशियन स्टडीज की चेयरपर्सन प्रोफेसर डॉ. समीना हमीद शामिल थीं।

सोशल मीडिया: चुनौतियां और संभावनाएं

सेमिनार में वक्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से वैश्विक संवाद और शांति के प्रसार पर प्रकाश डाला। मुकेश कौशिक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती चुनौतियों जैसे कि गलत सूचना, डिजिटल हेरफेर और सोशल मीडिया के जनमत पर प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि "सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जो राजनीतिक और सामाजिक नैरेटिव को आकार दे सकता है। इसलिए, उग्रवाद के प्रसार को रोकने के लिए जिम्मेदार डिजिटल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।"

प्रोफेसर समीना हमीद ने सोशल मीडिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर एक विचारोत्तेजक भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "सोशल मीडिया आज युवाओं के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जहां वे शिक्षा, नेटवर्किंग और सामाजिक सक्रियता के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक सामंजस्य को बढ़ावा दे सकते हैं।"

अंतर-धार्मिक संवाद और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी

प्रोफेसर डॉ. ज़िक्रुर्रहमान ने अपने संबोधन में विभिन्न धर्मों के मूलभूत साझा मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "सभ्यताओं के टकराव के बजाय, हमें आपसी समझ और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए, ताकि उग्रवादी विचारधारा के खिलाफ एक वैकल्पिक नैरेटिव विकसित किया जा सके।"

वर्ल्ड बुक फेयर में मुस्लिम दानिश्वरान काउंसिल की भूमिका

यह मुस्लिम दानिश्वरान काउंसिल की वर्ल्ड बुक फेयर में लगातार तीसरी भागीदारी थी, जो बौद्धिक और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर काउंसिल ने "दस्तावेज़ बराए इंसानी अख़्वत" (मानव भ्रातृत्व की घोषणा) पर भी चर्चा की, जो वैश्विक शांति और अंतर-धार्मिक सद्भाव के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

परिणाम और सिफारिशें
सेमिनार के अंत में निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
1. सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर नफरत और उग्रवाद का मुकाबला किया जाए।

2. ऑनलाइन संवाद के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द और सहिष्णुता को बढ़ावा दिया जाए।

3. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गलत सूचनाओं के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं।

4. युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक नैरेटिव की ओर प्रेरित करने के लिए शैक्षिक और जागरूकता अभियान चलाए जाएं।


निष्कर्ष
वर्ल्ड बुक फेयर 2025 में मुस्लिम दानिश्वरान काउंसिल का यह सेमिनार सोशल मीडिया के माध्यम से शांति के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि सोशल मीडिया का बुद्धिमानी और जिम्मेदारी से उपयोग किया जाए, तो यह युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने और वैश्विक शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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