मोदी सरकार ने कोरोना काल में राज्य सभा टी वी के 19 मीडिया कर्मियों को निकाल बहार किया ; प्रोग्राम 'गुफ्तगू' के एंकर सैयद इरफ़ान का नाम भी है लिस्ट में शामिल

आल इंडिया आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन' ने जताई चिंता अविलम्ब कॉन्ट्रैक्ट रिनिवल मांग की कहा ; करोनॉल्जी समझिये,पहले एक साल के कॉन्ट्रैक्ट को तीन माह किया और अब सिर्फ एक माह का कॉन्ट्रैक्ट दिया है ,और सर पर तलवार लटका दी गई है

 

नई दिल्ली : (एशिया टाइम्स ) 'सबका साथ ,सबका विकास और सबका विश्वास का दावा करने वाली मोदी सरकार ने राज्यसभा टीवी के कई  दिग्गज  मीडिया कर्मियों को 30  सितम्बर को निकाल दिया। राज्य सभा टी वी ने अबतक 19  पत्रकारों के पेट पर लात मारा है , अंदेशा यही है कि अभी यह लिस्ट और लम्बी होगी। 

इन पत्रकारों में कई बड़े नाम शामिल हैं। सबसे वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह, प्रोग्राम गुफ़्तुगू के इरफान, इंग्लिश की सीनियर एंकर ऐश्वर्या कपूर, हिन्दी के सीनियर एंकर घनश्याम उपाध्याय, प्रोग्राम विशेष के वैभव राज शुक्ला, सीनियर प्रोड्यूसर स्मिता नायर समेत तमाम आउटपुट, इनपुट और टेक्निकल विभाग के कर्मियों को अचानक नौकरी से निकाल दिया गया है।

सूत्र  बताते हैं कि यह पूरा मामला राज्य सभा टी वी और राज्य सभा टी वी के मर्जर का है।पहले एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर लोगों को लिया जाता था जो हर साल रिनिवल होता रहता था फिर इसे तीन माह  किया गया और अब सिर्फ एक माह का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। सरकार की मंशा दोनों चैनलों को एक करने की  है। कोरोना काल में किसी की भी नौकरी जाना उसके परिवार के लिए कितना मुश्किल है  इसका अंदाज़ा वही कर सकता है जो इस तकलीफ से गुज़ारा हो। मोदी सरकार बताये  क्या यही है सबका साथ सबका विकास और सब का विश्वास ?सरकार के दोगले पन का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं .

निकाले जाने वालों की लिस्ट में एक बड़ा नाम सैयद इरफान साहब का भी है, उन्हों ने अब तक  प्रोग्राम 'गुफ्तगू' में सैकड़ो एक्सक्लूसिव इंटरव्यू हम तक पहुंचाये हैं । किसी प्रतिभा से उसके निजी और प्रोफेशनल जीवन के बारे में जानकारी हासिल करने का उनका अपना अंदाज़ बहुत सरल और दिलचस्प  होता था इरफ़ान साहब इंटरव्यू लेते वक़्त हमेशा यह ख्याल रखते जानकारी  के पलड़े का बैलेंस बना रहे।

इंटरव्यू का ऐसा अनोखा अंदाज़ होता जो दर्शक को पूरे इंटरव्यू तक बांधे रखता था, दर्शकों ने सवा दो घंटे का पूरा भी इंटरव्यू  देखा है , अगर आप यूट्यूब पर उनका कोई एक इंटरव्यू  देख रहे हैं  तो  इसे देखने के बाद दूसरा इंटरव्यू क्लिक किये बगैर रुक ही नहीं सकते ।


List 

निकाले गये सभी लोग अनुभवी हैं और लंबे समय से राज्यसभा टीवी को अपनी पेशेवराना काबिलियत मुहैया करवा रहे थे। इन्हीं लोगों की सालों की मेहनत का नतीज़ा है कि राज्यसभा टीवी के कार्यक्रम बहुत प्रसिद्ध हुए उसी में एक प्रोग्राम गुफ्तगू भी है .

राज्य सभा टी वी  के पत्रकार साथियों के साथ की गई इस निर्मम कार्यवाही की 'आल इंडिया आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन' कड़े शब्दों में निंदा करता है और सरकार से मांग करता है कि पत्रकारों का कॉट्रैक्ट अविलम्ब बहाल किया जाये। एसोसिएशन के राष्ट्रिय संयोजक अशरफ अली ने पत्रकारों को इन्साफ दिलाने की माँग की और कहा कि अगर दो चैनलों का मर्जर ज़रूरी है तो कीजिये लेकिन यह किसी की नौकरी की कीमत पर नहीं होना चाहिए। चिंता की बात यह है कि  एक एक कर सभी सरकारी संस्थान प्राइवेट कंपनियों के हाथों में जा रहे और देश खामोश तमाशाई बना हुआ है।

 

नोट : यह खबर सोशल मीडिया , राज्य सभा टी वी के मीडिया कर्मियों से की गई गुफ्तगू और भड़ास 4 मीडिया के इनपुट से मिली जानकारी के आधार पर लिखी गई है 

 

 

 

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