नहीं है भाजपा सरकार की प्राथमिकता में अल्पसंख्यक कल्याण, एक चौथाई से भी कम किया अल्पसंख्यक समुदाय का स्कॉलरशिप: शिबली मंज़ूर
बिहार अल्पसंख्यक कांग्रेस के उपाध्यक्ष सह संगठन प्रभारी शिबली मंजूर ने भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए बताया की अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 2006 में काँग्रेस सरकार ने अल्पसंख्यक मंत्रालय का गठन किया था। इस मंत्रालय के अंतर्गत मौलाना आजाद एडुकेशन फाउंडेशन द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं शिक्षा की दर में वृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार की छात्रवृति प्रदत्त की जाती है। 2013-14 में कांग्रेस की यूपीए सरकार में इसका बजट 160 करोड़ था और खर्चा भी 160 करोड़ किया गया।लेकिन जबसे भाजपा सरकार आयी है, हर साल इसका बजट और ख़र्चा कम करती जा रही है, यहां तक कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में इसमें ख़र्चा 2013-14 की तुलना में एक चौथाई से भी कम कर दिया गया है।
इससे स्पष्ट है भाजपा की सरकार अल्पसंख्यक विरोधी है तथा इसकी प्राथमिकता में देश के अल्पसंख्यक समुदाय का हित है ही नहीं। प्रधानमंत्री मोदी का "सबका साथ सबका विकास" का नारा झूठा है धोखा देने वाला है।शिबली मंजूर ने जोर देते हुए यह बात कही कि वह केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं के इस योजना का बजट फिर से बढ़ाके काँग्रेस के समय जैसा किया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय जो पहले से ही शैक्षणिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा हुआ है, उसको सहयोग मिले, समर्थन मिले एवं मुख्यधारा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें।
शिबली मंज़ूर ने यह कहा की केंद्र एवं राज्य की अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु और अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने हेतु अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और आवाज़ बुलंद करेंगे।

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