मौत का सफर- 2 युवक ईरफ़ोन लगाकर ट्रैक पर चल रहे थे- ट्रेन आई और उड़ गए चित्थड़े


मुंबई | आज के तकनीकी युग में बाजारों में हमें कई ऐसे गैजेट्स मिल जाएंगे, जिसे हर कोई खरीदना चाहेगा। सच यह भी है इन गैजेट्स के चक्कर में कई लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है।
ऐसा ही ताजा मामला मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में देखने को मिला। बुरहानपुर जिले के रेलवे ट्रैक पर ईयरफोन लगाकर मस्ती में चल रहे 2 लड़कों की कर्नाटका एक्सप्रेस से कटने से मौत हो गई। दोनों के शरीर के 50 से 60 टुकड़े हो गए। करीब 100 मीटर दूर तक उनके चित्थड़े उड़ते हुए गए। आक्रोशित सैकड़ों लोग ट्रैक पर पहुंच गए तो सुरक्षा की दृष्टि से वाघोड़ा में 3 ट्रेनें आधा घंटा खड़ी रहीं।

जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त दोनों व्यक्ति इयरफोन लगाए हुवे थे । इस कारण दूर से उन्हें ट्रेन के आने की आवाज सुनाई नहीं दी। इसके बावजूद ट्रैक दोनों चलते लोग उन्हें आवाज लगाकर ट्रेन आने के पास आने के लिए आवाज़े लगा रहे थे लेकिन ईयरफोन के चलते दोनों इन सबसे अनजान चलते ही चले जा रहे थे । मौके दोनों के मोबाइल फोन से उन दोनों की पहचान की गई | परिजनों को इस हादसे की सूचना दे दी गई है। शव के टुकड़ों को इकट्ठा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

बरहानपुर के बिरोदा के रहने वाले 19 साल के इरफान और 16 साल के कलीम शुक्रवार शाम 6 बजे ट्रैक से बुरहानपुर की ओर आ रहे थे। कुछ ही देर बाद कर्नाटका एक्सप्रेस भुसावल से लालबाग रेलवे स्टेशन पर आ रही थी। रेलवे ट्रैक के पोल नंबर 496/2 से 496/4 के बीच दोनों की ट्रेन से कटने से मौत हो गई।

लालबाग रेलवे स्टेशन पहुंचने पर कर्नाटका एक्सप्रेस के ड्राइवर ने अफसरों को हादसे की सूचना दी। अफसरों को दी जानकारी में ड्राइवर ने बताया कि दोनों लड़के ट्रैक पर चल रहे थे। हॉर्न बजाने पर भी वह ट्रैक से नहीं हटे जिस वजह से दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।

यह भी जानकारी दी कि उस वक्त दूसरे ट्रैक पर भी ट्रेन आ गई थी। सूचना मिलते ही रेलवे व पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। खबर मिलते ही ग्रामीण ट्रैक पर मृतकों की शिनाख्त करने पहुंच गए लेकिन ग्रामीणों और पुलिस को सिर्फ दो धड़ मिले। दोनों के चित्थड़े उड़ चुके थे। 

ट्रेन की टक्‍कर से शरीर के इतने टुकड़े हो गए थे कि चेहरा पहचान पाना तक मुश्किल हो गया था। मृतकों के शव के टुकड़े ढूंढने में पुलिस सहित करीब 40 लोग 2 घंटे तक ट्रैक पर जुटे रहे। इस बीच वाघोड़ा में गोदान सहित तीन ट्रेनें आधे घंटे तक रुकी रहीं।  यातायात प्रभावित होने की सूचना मिलने पर लोगों को ट्रैक से हटाया गया। करीब शाम 7 बजे से फिर ट्रैक पर ट्रेनों का यातायात शुरू किया गया।

कलीम 12वीं का छात्र था और इरफान मजदूरी करता था। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश लोग ट्रैक के पार शौच के लिए जाते हैं। संभवतः कलीम और इरफान भी शौच के लिए गए हों। शनिवार सुबह दिन के उजाले में फिर ट्रैक पर सर्चिंग की गई। देर रात पुलिस शव के हिस्से जिला अस्पताल लेकर पहुंची।

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