छत्तीसगढ़ में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी पर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025) (एशिया टाइम्स न्यूज ) छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों की मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी की घटनाओं पर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने गहरी चिंता और नाराज़गी जताई है। संगठन ने इस मामले को धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा बताया है और इसे भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए खतरा करार दिया है।
जमाअत के उपाध्यक्ष प्रोफ़ेसर सलीम इंजीनियर ने एक बयान में कहा कि, “हम समझते हैं कि यह गिरफ्तारी उन घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को परेशान करना और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना है। यह पैटर्न चरमपंथी तत्वों द्वारा कानूनी तंत्र के दुरुपयोग का चिंताजनक संकेत है।”
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयां केवल अल्पसंख्यक समुदायों में भय और असुरक्षा की भावना को गहरा करती हैं। “इस प्रकार की घटनाएं भारत के संवैधानिक ताने-बाने और बहुलतावादी चरित्र को कमजोर करती हैं। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ईसाई समुदाय के साथ खड़ी है और ननों की तत्काल रिहाई की मांग करती है,” उन्होंने ज़ोर देकर कहा।
प्रोफ़ेसर इंजीनियर ने मांग की कि आरोपों की एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और यदि यह साबित होता है कि यह मामला झूठे आरोपों और राजनीति से प्रेरित था, तो संबंधित अधिकारियों और षड्यंत्रकर्ताओं को जवाबदेह ठहराया जाए।
उन्होंने इस अवसर पर सभी शांतिप्रिय नागरिकों और संगठनों से अपील की कि वे इस तरह की अन्यायपूर्ण प्रवृत्तियों के खिलाफ आवाज उठाएं और भारत में साम्प्रदायिक सद्भाव, इंसाफ और भाईचारे को मज़बूत करें।
उन्हों ने कहा “वोट बैंक की राजनीति के लिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना बंद किया जाना चाहिए। भारत सरकार का दायित्व है कि वह देश के हर नागरिक की प्रतिष्ठा और अधिकारों की रक्षा करे,”

0 comments