इस्राएल और मोरक्को संबंध सामान्य करने को तैयार
मोरक्को के राजा मोहम्मद छठे ने गुरुवार को कहा कि उनका देश इस्राएल के साथ बिना देरी किए "आधिकारिक संपर्क फिर से शुरू करेगा और राजनयिक संबंध स्थापित करेगा.
" इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने इस करार को ऐतिहासिक बताया है और कहा है कि यह क्षेत्र में "शांति की एक और रोशनी" है. इस्राएल ने हाल ही में सुन्नी अरब देश संयुक्त अरब अमीरात, सूडान और बहरीन के साथ इसी तरह का समझौता किया है. नेतन्याहू ने कहा, "मुझे हमेशा से विश्वास था कि यह ऐतिहासिक दिन आएगा." नेतन्याहू और मोहम्मद छठे ने दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने और राजनयिक मिशनों को खोलने की संभावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है.
फिलिस्तीन नाराज
इस्राएल-फिलिस्तीन के बीच राजनीतिक गतिरोध के कारण अरब देशों और इस्राएल के बीच संबंधों का सामान्यीकरण एक लंबे समय से असंभव माना जाता रहा है. गुरुवार की घोषणा का फिलिस्तीन ने स्वागत नहीं किया है और उसने इस समझौते की निंदा की है. फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन की कार्यकारी समिति के सदस्य बासम-साल्ही ने समझौते की निंदा की है. साल्ही ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "कोई भी अरब देश 2002 के अरब शांति पहल से पीछे हटता है तो यह हमें मंजूर नहीं है." फिलिस्तीनी नेताओं का कहना है कि 2002 के अरब शांति पहल के मुताबिक इस्राएल फिलिस्तीनी और अरब भूमि पर अपना कब्जा खत्म करता है तब ही सामान्यीकरण हो पाएगा.
ट्रंप ने की समझौते की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को पहली बार घोषणा की कि मोरक्को और इस्राएल ने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सहमति व्यक्त की है, जो कि मोरक्को के राजा मोहम्मद छठे के साथ ट्रंप की फोन पर बातचीत के दौरान हुआ. मोरक्को और इस्राएल के बीच संबंध स्थापित होने का ऐलान करते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया, "हमारे दो महान दोस्त इस्राएल और मोरक्को पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो गए हैं. मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए यह एक बहुत बड़ा कदम है."
नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन जो 20 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं वे नए समझौते से दुविधा में पड़ते दिख रहे हैं. उन्हें ताजा समझौते को संभालने के कुछ कोशिशें करनी पड़ सकती हैं.
एए/सीके (डीपीए, रॉयटर्स)

0 comments