रियाद में भारत का 77वां गणतंत्रदिवस:भारत–सऊदी रणनीतिक साझेदारी पर जोर

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारतीय दूतावास की ओर से एक भव्य आधिकारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 31 जनवरी 2026 की शाम डिप्लोमैटिक क्वार्टर स्थित कल्चरल पैलेस में संपन्न हुआ, जिसमें सऊदी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विदेशी राजनयिकों, बुद्धिजीवियों और भारतीय समुदाय की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।

समारोह में रियाद क्षेत्र के माननीय अवर सचिव महामहिम डॉ. फैसल बिन अब्दुल अज़ीज़ अल सुदैरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि माननीय उप गृह मंत्री हिज़ हाइनेस प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन मोहम्मद बिन अय्याफ ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर 700 से अधिक विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न देशों के राजदूत, सऊदी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, व्यापार जगत, थिंक टैंक, अकादमिक क्षेत्र, मीडिया प्रतिनिधि तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य शामिल थे।सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल अजाज़ खान ने अपने संबोधन में भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी में आई मजबूती और निरंतर प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में गहन द्विपक्षीय संवाद और सहयोग जारी है।

राजदूत ने अप्रैल 2025 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब की राजकीय यात्रा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद केरल की पारंपरिक ‘थेय्यम’ शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।समारोह स्थल पर भारतीय वस्त्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों की साड़ियों को प्रदर्शित किया गया।

इस प्रदर्शनी ने भारतीय हथकरघा और वस्त्र परंपराओं की विविधता, कलात्मकता और शिल्प कौशल को दर्शाया। इसके अलावा, अतिथियों के लिए विशेष भारतीय कॉफी स्टॉल लगाया गया, जिसकी सुगंध और स्वाद को सऊदी मेहमानों ने विशेष रूप से सराहा।कार्यक्रम के दौरान भारतीय पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों से संबंधित प्रचार स्टॉल भी लगाए गए, जहां भारत की संभावनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। वहीं, विभिन्न फूड स्टॉलों पर परोसे गए पारंपरिक भारतीय व्यंजनों ने अतिथियों को भारत की सांस्कृतिक और पाक विविधता से रूबरू कराया।यह स्वागत समारोह न केवल भारत के गणतंत्र दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी सहयोग का सशक्त प्रतीक भी साबित हुआ।

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